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जल्द कदम उठाओ वरना करेंगे कामछोड़ हड़ताल
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जम्मू। डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमेटी) में देरी से चिकित्सा कर्मचारी क्षुब्ध हो गए हैं। मंगलवार को जम्मू संभाग के दस जिला मुख्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। इसके साथ ही जल्द कदम नहीं उठाने की सूरत में कामछोड़ हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के परिसर में जम्मू-कश्मीर इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले चिकित्सा कर्मियों ने मुख्य रूप से धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सेवा भर्ती नियम एसआरओ-20 में संशोधन का मामला सामान्य प्रशासनिक विभाग के पास लंबित है, जिसे आश्वासन के बाद भी पूरा नहीं किया गया है।
फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि चार साल से डीपीसी में लेटलतीफी से कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। महमारी की तीन लहरों के दौरान चिकित्सा कर्मचारियों ने कोविड वारियर्स के तौर पर सेवाएं दीं। इस दौरान कई कर्मियों की जान भी चली गई। कर्मचारी डीपीसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को उनके हितों को ध्यान में रखते हुए डीपीसी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे का बाद कभी भी चिकित्सा कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल का ऐलान कर सकते हैं। इसके लिए मजबूत रणनीति बनाकर सभी कर्मियों को जोड़ा जाएगा। संभाग के अन्य जिलों में भी चिकित्सा कर्मियों ने धरने प्रदर्शन किए। स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के बाहर हुए प्रदर्शन में प्रफुलत सिंह, चौधरी जरनैल सिंह, आरपी सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कमल साहनी, अनिल खजूरिया और पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के परिसर में जम्मू-कश्मीर इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले चिकित्सा कर्मियों ने मुख्य रूप से धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सेवा भर्ती नियम एसआरओ-20 में संशोधन का मामला सामान्य प्रशासनिक विभाग के पास लंबित है, जिसे आश्वासन के बाद भी पूरा नहीं किया गया है।
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फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि चार साल से डीपीसी में लेटलतीफी से कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। महमारी की तीन लहरों के दौरान चिकित्सा कर्मचारियों ने कोविड वारियर्स के तौर पर सेवाएं दीं। इस दौरान कई कर्मियों की जान भी चली गई। कर्मचारी डीपीसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को उनके हितों को ध्यान में रखते हुए डीपीसी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे का बाद कभी भी चिकित्सा कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल का ऐलान कर सकते हैं। इसके लिए मजबूत रणनीति बनाकर सभी कर्मियों को जोड़ा जाएगा। संभाग के अन्य जिलों में भी चिकित्सा कर्मियों ने धरने प्रदर्शन किए। स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के बाहर हुए प्रदर्शन में प्रफुलत सिंह, चौधरी जरनैल सिंह, आरपी सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कमल साहनी, अनिल खजूरिया और पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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