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वेतन बढ़ाने के साथ किया जाए स्थायी
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने तवी पुल स्थित हरि सिंह प्रतिमा के पास प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, वेतन बढ़ाने और स्थायी करने की मांग उठाई। वहीं, पंद्रह दिन में मांगें पूरी नहीं होने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अध्यक्ष जलानी लोन ने कहा कि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 2016 से सेवाएं दे रहे हैं। जब से नियुक्त किया गया है तभी से बीस हजार रुपये का वेतन दिया जा रहा है। कम वेतन से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमबीए, बीसीए और पीएचडी सहित अन्य पेशेवर कोर्स किए हैं। उनसे स्थायी तौर सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन सुविधाएं वैसी नहीं मिल रही हैं। उपाध्यक्ष रंदीप ने कहा कि अभी तक सरकार ने स्थायी करने की कोई नीति नहीं बनाई है। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों या राज्यों में इस विभाग में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को समय-समय पर वेतन भत्ता बढ़ाने और स्थायी करने प्रावधान है। वोकेशनल टीचरों को राहत देने के लिए फिलहाल कोई नियम लागू नहीं किया है, जिससे अध्यापकों में रोष है। प्रमुख सचिव जानवी ने कहा कि उन्हें समग्र शिक्षा के अंतर्गत रखा गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के पास उनकी फाइल लंबित पड़ी है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
आश्वासन के बावजूद प्रमुख सचिव की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हरियाणा और असम सहित अन्य राज्यों तर्ज पर प्रदेश सरकार कोई नीति तैयार करने में नाकामयाब साबित हुई है। एक तरफ से सरकार पेशेवर कोर्स करवाने पर जोर दे रही है। दूसरी तरफ शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को श्रीनगर में प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, पंद्रह दिन में मांगें पूरी नहीं होने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार कम वेतन पर अपना काम निकाल रही है। इसलिए 2016 में अनुबंधित आधार पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों को अभी तक स्थायी नहीं किया गया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अध्यक्ष जलानी लोन ने कहा कि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 2016 से सेवाएं दे रहे हैं। जब से नियुक्त किया गया है तभी से बीस हजार रुपये का वेतन दिया जा रहा है। कम वेतन से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमबीए, बीसीए और पीएचडी सहित अन्य पेशेवर कोर्स किए हैं। उनसे स्थायी तौर सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन सुविधाएं वैसी नहीं मिल रही हैं। उपाध्यक्ष रंदीप ने कहा कि अभी तक सरकार ने स्थायी करने की कोई नीति नहीं बनाई है। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों या राज्यों में इस विभाग में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को समय-समय पर वेतन भत्ता बढ़ाने और स्थायी करने प्रावधान है। वोकेशनल टीचरों को राहत देने के लिए फिलहाल कोई नियम लागू नहीं किया है, जिससे अध्यापकों में रोष है। प्रमुख सचिव जानवी ने कहा कि उन्हें समग्र शिक्षा के अंतर्गत रखा गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के पास उनकी फाइल लंबित पड़ी है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
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आश्वासन के बावजूद प्रमुख सचिव की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हरियाणा और असम सहित अन्य राज्यों तर्ज पर प्रदेश सरकार कोई नीति तैयार करने में नाकामयाब साबित हुई है। एक तरफ से सरकार पेशेवर कोर्स करवाने पर जोर दे रही है। दूसरी तरफ शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को श्रीनगर में प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, पंद्रह दिन में मांगें पूरी नहीं होने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार कम वेतन पर अपना काम निकाल रही है। इसलिए 2016 में अनुबंधित आधार पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों को अभी तक स्थायी नहीं किया गया।
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