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साक्षात्कार के बाद नौकरी नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों में आक्रोश
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जम्मू। प्रदेश सरकार ने जेकेएसएसबी और जेकेपीएससी के तहत 2017 से पहले सृजित किए पदों को बीते माह वापस ले लिया था। इसके चलते परीक्षाएं सहित साक्षात्कार देकर नौकरी इंतजार कर रहे अभ्यर्थी काफी निराश हैं। शुक्रवार को कॉलेज में सहायक आचार्य भर्ती के अभ्यर्थियों ने तवी पुल स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर आवाज को बुलंद किया। वहीं, सरकार पर भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुखौटे और अजीव तरह की वेशभूषा धारण कर स्थिति को उजागर किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कॉलेजों में सहायक आचार्य के पदों के लिए दिसंबर, 2021 में साक्षात्कार लिए थे, जिसके बाद सिर्फ नियुक्ति का इंतजार था। कोरोना की तीसरी लहर के चलते परिणाम घोषित होने में देरी हो गई। तीन फरवरी को सरकार ने 2017 से पहले सृजित किए तमाम पदों को वापस ले लिया है। इससे साक्षात्कार दे चुके अभ्यर्थी काफी निराश हैं। सरकार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। अब कई युवा ओवरेज भी हो चुके हैं।
सरकार ने जब यह फरमान जारी किया था तो उसके बाद उपराज्यपाल से मुलाकात कर समस्या के समाधान की अपील की थी, लेकिन अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। अभ्यर्थियों के अनुसार उपराज्यपाल ने कहा कि 2004 से लेकर 2017 तक सभी पदों की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। अब दोबारा जिन पदों को सृजित किया जाएगा। उनमें ओवरेज अभ्यर्थियों या पहले आवेदनकर्ताओं को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। लेकिन अभ्यर्थियों का एक ऐसा भी वर्ग है जो परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नियुक्ति की राह देख रहा था। सरकार ने उनके साथ कुठाराघात किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से साक्षात्कार का परिणाम घोषित कर नियुक्ति देने की मांग उठाई है।
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प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुखौटे और अजीव तरह की वेशभूषा धारण कर स्थिति को उजागर किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कॉलेजों में सहायक आचार्य के पदों के लिए दिसंबर, 2021 में साक्षात्कार लिए थे, जिसके बाद सिर्फ नियुक्ति का इंतजार था। कोरोना की तीसरी लहर के चलते परिणाम घोषित होने में देरी हो गई। तीन फरवरी को सरकार ने 2017 से पहले सृजित किए तमाम पदों को वापस ले लिया है। इससे साक्षात्कार दे चुके अभ्यर्थी काफी निराश हैं। सरकार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। अब कई युवा ओवरेज भी हो चुके हैं।
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सरकार ने जब यह फरमान जारी किया था तो उसके बाद उपराज्यपाल से मुलाकात कर समस्या के समाधान की अपील की थी, लेकिन अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। अभ्यर्थियों के अनुसार उपराज्यपाल ने कहा कि 2004 से लेकर 2017 तक सभी पदों की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। अब दोबारा जिन पदों को सृजित किया जाएगा। उनमें ओवरेज अभ्यर्थियों या पहले आवेदनकर्ताओं को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। लेकिन अभ्यर्थियों का एक ऐसा भी वर्ग है जो परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नियुक्ति की राह देख रहा था। सरकार ने उनके साथ कुठाराघात किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से साक्षात्कार का परिणाम घोषित कर नियुक्ति देने की मांग उठाई है।
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