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सेवा विस्तार नहीं, किया जाए नियमित
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जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सेवा विस्तार की मंजूरी के आधिकारिक ट्वीट के बाद भी बुधवार को बारिश के बीच जीएमसी के बाहर एनएचएम कर्मचारियों ने अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारी मांग कर रहे थे कि उनके सेवा विस्तार को नियमित किया जाए। उपराज्यपाल के मंजूरी आश्वासन में भी यह साफ नहीं है कि उन्हें कितनी अवधि का विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह अन्य अस्थायी कर्मियों की सालों से स्थायी तौर पर सेवाएं ली जा रही हैं, उन्हें भी उस व्यवस्था में शामिल किया जाए। बारिश से बचने के लिए प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगा रखे हैं।
जीएमसी के बाहर कर्मचारी पिछले कई दिन से आंदोलन पर हैं। वे उनकी सेवाओं का नियमित विस्तार करने की मांग कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज के तहत कोविड की दूसरी लहर में अनुबंध पर नियुक्त किया गया था। कुछ माह पहले उपराज्यपाल के हस्तक्षेप से इनका तीन माह का विस्तार किया गया था, जिसके बाद दिसंबर 2021 में इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान सैकड़ों अस्थायी एनएचएम कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर मानव जीवन को बचाने के लिए अपनी सेवाएं दीं। इसमें कई कर्मचारी कोविड से संक्रमित भी हुए, लेकिन वे अपने कर्तव्य पर डटे रहे। अब जबकि दोबारा तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वे बेहतर अनुभव के साथ रोगी देखभाल प्रबंधन में मजबूत सेवाएं दे सकते हैं।
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जीएमसी के बाहर कर्मचारी पिछले कई दिन से आंदोलन पर हैं। वे उनकी सेवाओं का नियमित विस्तार करने की मांग कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज के तहत कोविड की दूसरी लहर में अनुबंध पर नियुक्त किया गया था। कुछ माह पहले उपराज्यपाल के हस्तक्षेप से इनका तीन माह का विस्तार किया गया था, जिसके बाद दिसंबर 2021 में इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान सैकड़ों अस्थायी एनएचएम कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर मानव जीवन को बचाने के लिए अपनी सेवाएं दीं। इसमें कई कर्मचारी कोविड से संक्रमित भी हुए, लेकिन वे अपने कर्तव्य पर डटे रहे। अब जबकि दोबारा तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वे बेहतर अनुभव के साथ रोगी देखभाल प्रबंधन में मजबूत सेवाएं दे सकते हैं।
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