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पीओके विस्थापितों ने मांगों के समर्थन में बुलंद की आवाज
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जम्मू। पीओके विस्थापितों ने शुक्रवार को प्रदर्शनी मैदान के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कश्मीर में अल्पसंख्यकों और श्रमिकों की लगातार हत्याएं होने पर रोष जताया। साथ ही पीओके विस्थापितों की मांगें पूरी करने की मांग पर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कैप्टन युद्धवीर सिंह ने कहा कि कश्मीर में लगातार अल्पसंख्यकों और श्रमिकों की हत्याएं हो रही हैं। लेकिन इस मामले का कड़ा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। युद्धवीर सिंह ने रोष जताते हुए आपबीत भी सुनाई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के कारण कश्मीरियों को अपनी भूमि छोड़नी पड़ी थी। कई साल बीत गए। लेकिन विस्थापितों कोे राहत राशि और 24 सीटें नहीं दी गईं।
सरकार विस्थापितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। लोगों के पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं हैं। माल मवेशी कुछ नहीं हैं। हर चीज खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य समुदाय के युवाओं कोे नौकरी और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आरक्षण दिया जाता है। लेकिन पीओके विस्थापितों को कुछ नहीं दिया जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांगे पूरी करने की मांग की।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कैप्टन युद्धवीर सिंह ने कहा कि कश्मीर में लगातार अल्पसंख्यकों और श्रमिकों की हत्याएं हो रही हैं। लेकिन इस मामले का कड़ा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। युद्धवीर सिंह ने रोष जताते हुए आपबीत भी सुनाई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के कारण कश्मीरियों को अपनी भूमि छोड़नी पड़ी थी। कई साल बीत गए। लेकिन विस्थापितों कोे राहत राशि और 24 सीटें नहीं दी गईं।
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सरकार विस्थापितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। लोगों के पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं हैं। माल मवेशी कुछ नहीं हैं। हर चीज खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य समुदाय के युवाओं कोे नौकरी और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आरक्षण दिया जाता है। लेकिन पीओके विस्थापितों को कुछ नहीं दिया जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांगे पूरी करने की मांग की।
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