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जेकेआरटीसी कर्मियों का चक्का जाम, 250 से ज्यादा रूट प्रभावित
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रेल्हेड कांप्लेक्स के पास एसआरटीसी यार्ड में बसों पर चढ़कर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : SHRINAGAR
जम्मू। प्रदेश में वीरवार को जेकेआरटीसी के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी बसों और माल वाहक वाहनों के पहिये थमे रहे। सरकारी बसों के 250 से ज्यादा रूट प्रभावित हुए हैं। शहरों और ग्रामीण इलाकों में राशन की आपूर्ति नहीं हो पाई। लोगों को मेटाडोर का ही सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में लोग घंटों बस का इंतजार करते रहे। बस न मिलने से उन्हें पैदल गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कुछ पहाड़ी इलाकों में लोगों को 20 से 30 किलोमीटर का सफर भी तय करना पड़ा। इन दुर्गम इलाकों में सरकारी बसें ही चलती हैं। अंतर जिला बस सेवाओं के दो से तीन रूट बाधित हुए। जम्मू-कश्मीर में 40 इलेक्ट्रिक बसें भी नहीं चलीं।
सरकारी बसें न चलने से जम्मू से लखनपुर जाने वाले यात्री भी परेशान हुए। यात्रियों को निजी बसों में जम्मू से सांबा और सांबा से कठुआ पहुंचना पड़ा है। मौजूदा समय में जेकेआरटीसी की बसों के माध्यम से ही सवारियां लांग रूट का सफर कर पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू से दिल्ली, जालंधर, अमृतसर, जयपुर जाने वाले लोगों को पेश आई है। उन्हें लखनपुर तक पहुंचने के लिए सरकारी बस सुविधा नहीं मिली।
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वेतन के लिए कर्मियों ने बसों पर चढ़कर किया प्रदर्शन
पुलिस ने नहीं निकालने दी राजभवन तक रैली, आज काम पर लौटेंगे
जम्मू। जेकेआरटीसी कर्मियों ने वीरवार को रेल हेड कांप्लेक्स के बाहर बसों पर चढ़कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने राजभवन तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। जेकेआरटीसी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार ने कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों, पुलिस और सफाई कर्मियों को कोरोना योद्धा का दर्जा दिया, लेकिन ट्रांसपोर्ट कर्मियों को वेतन तक नहीं दिया। ट्रांसपोर्ट कर्मियों ने भी कोरोना वॉरियर्स की तरह काम किया और कई कर्मी संक्रमित भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम साउथ के माध्यम से उपराज्यपाल को मांगपत्र भेजा। अध्यक्ष ने कहा कि वे राजभवन तक शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। परमजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार से सभी कर्मी काम पर लौटेंगे। यदि एक हफ्ते तक मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो दोबारा संघर्ष शुरू कर देंगे।
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सरकारी बसें न चलने से जम्मू से लखनपुर जाने वाले यात्री भी परेशान हुए। यात्रियों को निजी बसों में जम्मू से सांबा और सांबा से कठुआ पहुंचना पड़ा है। मौजूदा समय में जेकेआरटीसी की बसों के माध्यम से ही सवारियां लांग रूट का सफर कर पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी जम्मू से दिल्ली, जालंधर, अमृतसर, जयपुर जाने वाले लोगों को पेश आई है। उन्हें लखनपुर तक पहुंचने के लिए सरकारी बस सुविधा नहीं मिली।
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वेतन के लिए कर्मियों ने बसों पर चढ़कर किया प्रदर्शन
पुलिस ने नहीं निकालने दी राजभवन तक रैली, आज काम पर लौटेंगे
जम्मू। जेकेआरटीसी कर्मियों ने वीरवार को रेल हेड कांप्लेक्स के बाहर बसों पर चढ़कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने राजभवन तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। जेकेआरटीसी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार ने कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों, पुलिस और सफाई कर्मियों को कोरोना योद्धा का दर्जा दिया, लेकिन ट्रांसपोर्ट कर्मियों को वेतन तक नहीं दिया। ट्रांसपोर्ट कर्मियों ने भी कोरोना वॉरियर्स की तरह काम किया और कई कर्मी संक्रमित भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम साउथ के माध्यम से उपराज्यपाल को मांगपत्र भेजा। अध्यक्ष ने कहा कि वे राजभवन तक शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। परमजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार से सभी कर्मी काम पर लौटेंगे। यदि एक हफ्ते तक मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो दोबारा संघर्ष शुरू कर देंगे।
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