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लापता शख्स का पढ़ा गायबाना नमाजे जनाजा
Updated Tue, 19 Jan 2016 10:55 PM IST
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रावलपोरा क्षेत्र में 14 वर्ष पहले लापता व्यक्ति के परिवार वालों ने मंगलवार को उसे मृत समझते हुए उसका नमाज-ए-जनाजा पढ़ा। गायबाना नमाज-ए-जनाजा में कई अलगाववादी नेताओं सहित स्थानीय लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर लोगों ने जलूस भी निकाला। साथ ही हड़ताल भी रखी। जुलूस में आजादी के हक में नारे भी नारे भी लगाए। साथ ही पाकिस्तान के झंडे लहराए जाने की सूचना है।
गौरतलब है कि मंजूर अहमद डार को 2002 में 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात को अज्ञात बंदूकधारियों ने रावलपोरा इलाके में घर से अगवा किया था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं था। मंजूर पेशे से केमिस्ट था।
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इस अवसर पर लोगों ने जलूस भी निकाला। साथ ही हड़ताल भी रखी। जुलूस में आजादी के हक में नारे भी नारे भी लगाए। साथ ही पाकिस्तान के झंडे लहराए जाने की सूचना है।
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गौरतलब है कि मंजूर अहमद डार को 2002 में 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात को अज्ञात बंदूकधारियों ने रावलपोरा इलाके में घर से अगवा किया था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं था। मंजूर पेशे से केमिस्ट था।
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अलगाववादी नेता भी हुए शामिल
परिवार वालों के अनुसार उसे सेना की 35 राष्ट्रीय राइफल्स की एक टीम ने घर से गिरफ्तार किया था, जिसका नेतृत्व मेजर किशोर मल्होत्रा कर रहे थे। घटना पर संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया था।
नवंबर 2015 में इस टीम ने सिलसिले में अंतिम रिपोर्ट पेश की, जिसमें इसकी पुष्टि की गई कि डार को मेजर किशोर मल्होत्रा ने ही गिरफ्तारी के बाद मौत के घाट उतारा था और शव को गायब कर दिया था।
वहीं पुलिस द्वारा पेश की गई अंतिम रिपोर्ट के आधार पर डार के परिवार वालों ने उसका नमाज-ए-जनाजा पढ़ने का फैसला किया। मंगलवार को डार का गायबाना नमाज-ए-जनाजा रावलपुरा इलाके में पढ़ा। इसमें जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक, हुर्रियत कांफ्रेंस के पीर सैफुल्ला समेत अन्य कई अलगाववादी नेताओं ने भाग लिया।
नवंबर 2015 में इस टीम ने सिलसिले में अंतिम रिपोर्ट पेश की, जिसमें इसकी पुष्टि की गई कि डार को मेजर किशोर मल्होत्रा ने ही गिरफ्तारी के बाद मौत के घाट उतारा था और शव को गायब कर दिया था।
वहीं पुलिस द्वारा पेश की गई अंतिम रिपोर्ट के आधार पर डार के परिवार वालों ने उसका नमाज-ए-जनाजा पढ़ने का फैसला किया। मंगलवार को डार का गायबाना नमाज-ए-जनाजा रावलपुरा इलाके में पढ़ा। इसमें जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक, हुर्रियत कांफ्रेंस के पीर सैफुल्ला समेत अन्य कई अलगाववादी नेताओं ने भाग लिया।