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रिलायंस स्मार्ट स्टोर का विरोध: जम्मू में कारोबारियों के बाद चैंबर ने मोर्चा खोला, 22 सितंबर को बंद का एलान
Sun, 19 Sep 2021 11:08 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:08 AM IST
सार
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री समेत बाजार संगठनों ने 22 सितंबर को जम्मू बंद की घोषणा करते हुए काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शनी मैदान में नारेबाजी की। चेताया कि एक दिवसीय बंद को बेमियादी भी किया जा सकता है।
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वेयर हाउस जम्मू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू में रिलायंस स्मार्ट स्टोर खोलने के प्रस्ताव के खिलाफ लामबंद कारोबारियों ने 22 सितंबर को जम्मू बंद का एलान कर दिया है। प्रदेश की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस के कारोबारियों की ओर से रिलायंस स्टोर खोलने का विरोध किया गया। इसके बाद शनिवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री समेत बाजार संगठनों ने 22 सितंबर को जम्मू बंद की घोषणा करते हुए काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शनी मैदान में नारेबाजी की। चेताया कि एक दिवसीय बंद को बेमियादी भी किया जा सकता है।
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चैंबर के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि सरकार के फैसले वातानुकूलित कमरों में बैठकर लिए जा रहे हैं और लोगाें पर थोपे जा रहे हैं। नई आबकारी नीति से जम्मू संभाग के शराब कारोबारियों को बेरोजगार कर दिया गया। बार, बैंक्वेट हॉल संचालकों, रेत-बजरी का काम करने वालों का धंधा चौपट कर दिया गया है। खनन से जुड़े 60 फीसदी कारोबार पर जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए लोगों का कब्जा हो गया है। अब रिलायंस कंपनी के रिटेल स्टोर खोलने का प्रस्ताव लाकर छोटे दुकानदाराें की रोजी रोटी छीनने की तैयारी की जा रही है।
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उन्होेंने कहा कि दरबार मूव प्रथा खत्म होने से जम्मू के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। बंद के समर्थन में ट्रेडर्स फेडरेशन, बार एसोसिएशन, राजनीतिक पार्टियों में कांग्रेस, इकजुट जम्मू संगठन, जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट, उधमपुर के कारोबारियों समेत कई अन्य संगठन आगे आए हैं।
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सांसदों के दौरे सिर्फ कश्मीर तक सीमित
चैंबर ने आरोप लगाया कि आउटरीच कार्यक्रमों में 300 से अधिक सांसदों के अधिकांश दौरे कश्मीर तक सीमित हैं। जो जम्मू पहुंच रहे हैं वे एक विशेष पार्टी के नेताओं से मिलना पसंद कर रहे हैं। ऐसा लगता है सरकार पूरी तरह से जम्मू के लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। वाणिज्यिक वाहनों पर यात्री कर भारत के किसी भी केंद्र शासित प्रदेश में लागू नहीं है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में इसे प्रभावी बनाया गया है।