रिलायंस स्मार्ट स्टोर का विरोध: कारोबारियों को राजनीतिक दलों का साथ, नेशनल कांफ्रेंस ने कही ये बात
नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि हमारी पार्टी जम्मू-कश्मीर के हितों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रही है। आशा है कि प्रशासन लोगों के हितों को चोट पहुंचाने वाले कदमों के साथ आने के बजाय गरीब विरोधी नीतियों में सुधारात्मक उपाय करेगा। बंद के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध किया जाएगा।
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जम्मू में रिलायंस स्मार्ट स्टोर खोलने के प्रस्ताव के खिलाफ कारोबारियों को अब राजनीतिक दलों का भी साथ मिल गया है। लगभग हर दल ने जम्मू में रिलायंस स्मार्ट स्टोर खोलने के खिलाफ बुधवार को बंद को समर्थन दिया है। मंगलवार को नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) ने इस बाबत समर्थन देने की घोषणा की है। बता दें कि इस बंद को चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू, बुलाया है।
नेकां ने कहा कि हमारी पार्टी जम्मू-कश्मीर के हितों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रही है। आशा है कि प्रशासन लोगों के हितों को चोट पहुंचाने वाले कदमों के साथ आने के बजाय गरीब विरोधी नीतियों में सुधारात्मक उपाय करेगा। बंद के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध किया जाएगा।
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उधर, पैंथर्स पार्टी ने भी छोटे, मध्यम और स्वरोजगार दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों के साथ पूर्ण समर्थन और एकजुटता दिखाई। जेकेएनपीपी(जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी) के अध्यक्ष भीम सिंह की अध्यक्षता में जम्मू में एक आकस्मिक बैठक हुई। जिसमें नेतृत्व ने भाजपा और केंद्र सरकार के स्थानीय और राष्ट्रीय नेतृत्व की आलोचना की। कहा कि रिलायंस द्वारा जम्मू संभाग में 100 खुदरा स्टोर खोलना छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार शिक्षित युवाओं के साथ धोखाधड़ी है। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी ने भी जम्मू बंद के आह्वान को समर्थन दिया है।
वातानुकूलित कमरों में बैठकर लिए जा रहे फैसले लोगाें पर थोपे जा रहे हैं- चैंबर
बता दें कि बीते दिनों चैंबर के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा था कि सरकार के फैसले वातानुकूलित कमरों में बैठकर लिए जा रहे हैं और लोगाें पर थोपे जा रहे हैं। नई आबकारी नीति से जम्मू संभाग के शराब कारोबारियों को बेरोजगार कर दिया गया। बार, बैंक्वेट हॉल संचालकों, रेत-बजरी का काम करने वालों का धंधा चौपट कर दिया गया है। खनन से जुड़े 60 फीसदी कारोबार पर जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए लोगों का कब्जा हो गया है। अब रिलायंस कंपनी के रिटेल स्टोर खोलने का प्रस्ताव लाकर छोटे दुकानदाराें की रोजी रोटी छीनने की तैयारी की जा रही है।
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उन्होेंने कहा कि दरबार मूव प्रथा खत्म होने से जम्मू के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। बंद के समर्थन में ट्रेडर्स फेडरेशन, बार एसोसिएशन, राजनीतिक पार्टियों में कांग्रेस, इकजुट जम्मू संगठन, जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट, उधमपुर के कारोबारियों समेत कई अन्य संगठन आगे आए हैं।