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पुलिस के खिलाफि हाईवे जाम
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राजोरी। राजोरी जिले में कुछ दिन पहले अल्पसंख्यक समुदाय की एक लड़की का अपहरण किया गया था, जिसको लेकर जिले में तनाव का माहौल बरकरार है। पीड़ित परिवार और समुदाय के लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने जम्मू-राजोरी हाईवे जाम कर पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में युवती के रिश्तेदार महिलाओं को साथ लेकर शहर के मुरादपुर इलाके में पहुंचे और हाईवे को जाम कर दिया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और राजोरी पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने बताया कि पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते चार दिन से लड़की का कोई अता-पता नहीं चला है। पुलिस ने अपहरणकर्ता के परिवार या किसी परिजन से पूछताछ कर कुछ भी मालूम करने का प्रयास नहीं किया।
उन्होंने बताया कि चार दिन पहले राजोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले एक गांव की निवासी अल्पसंख्यक समुदाय की एक लड़की को बहुसंख्यक समुदाय के लड़के ने अगवा कर लिया था। पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर उन्हें टरका रही है। आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत युवती को बेहोश कर अपहरण किया गया है और पुलिस जानबूझ कर कार्रवाई नहीं कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी राजोरी लियाकत अली व डीएसपी हेड क्वार्टर सुरिंद्र खडयार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को 24 घंटे का समय देते हुए प्रदर्शन समाप्त किया और कहा कि यदि शनिवार को 11 बजे तक युवती का पता नहीं चला तो और अपहरणकर्ता पकड़ा नहीं गया तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।
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सिट गठित कर जांच शुरू
पुलिस ने तत्काल मामले की जांच के लिए एसआईटी (सिट) का गठन कर दिया है। अपहृत युवती के परिजनों की शिकायत के बाद ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। पुलिस चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। डीएसपी हेड क्वार्टर सुरिंद्र खडयार की अगुवाई में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर जांच तेज दी गई है। लोगों किसी अफवाहों पर ध्यान न दें। जांच में सहयोग करें।
-जुगल मन्हास, एसएसपी राजोरी
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उन्होंने बताया कि चार दिन पहले राजोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले एक गांव की निवासी अल्पसंख्यक समुदाय की एक लड़की को बहुसंख्यक समुदाय के लड़के ने अगवा कर लिया था। पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर उन्हें टरका रही है। आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत युवती को बेहोश कर अपहरण किया गया है और पुलिस जानबूझ कर कार्रवाई नहीं कर रही है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी राजोरी लियाकत अली व डीएसपी हेड क्वार्टर सुरिंद्र खडयार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को 24 घंटे का समय देते हुए प्रदर्शन समाप्त किया और कहा कि यदि शनिवार को 11 बजे तक युवती का पता नहीं चला तो और अपहरणकर्ता पकड़ा नहीं गया तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।
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सिट गठित कर जांच शुरू
पुलिस ने तत्काल मामले की जांच के लिए एसआईटी (सिट) का गठन कर दिया है। अपहृत युवती के परिजनों की शिकायत के बाद ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। पुलिस चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। डीएसपी हेड क्वार्टर सुरिंद्र खडयार की अगुवाई में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर जांच तेज दी गई है। लोगों किसी अफवाहों पर ध्यान न दें। जांच में सहयोग करें।
-जुगल मन्हास, एसएसपी राजोरी