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अमर सिंह क्लब में नए सदस्यों के प्रवेश पर आगामी आदेश तक रोक
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अमर सिंह क्लब में नए सदस्यों के प्रवेश पर आगामी आदेश तक रोक
- पूर्व विधायक अशोक खजुरिया की याचिका पर दिया गया फैसला
जम्मू। सब जज जम्मू पवन शर्मा ने अमर सिंह क्लब के प्रबंधन में नए सदस्यों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह महत्वपूर्ण आदेश पूर्व विधायक अशोक खजुरिया और विनोद लूथरा द्वारा दायर याचिका पर दिए गए। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकील रोहित शर्मा ने कहा कि वादी अमर सिंह क्लब जम्मू के स्थायी सदस्य हैं जबकि प्रतिवादी क्लब के सचिव और कार्यकारी समिति के सदस्य हैं। क्लब की कार्यकारी समिति को संविधान के अनुसार दो साल की अवधि के लिए चुना जाता है और उसके बाद एक नई समिति का चुनाव किया जाता है।
वर्तमान कार्यकारी समिति का कार्यकाल मार्च 2020 को समाप्त हो गया है, लेकिन उसके बाद नई समिति के चुनाव के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। बल्कि क्लब में नए सदस्यों को स्वीकार करने और नामांकन करने के लिए प्रक्रिया शुरू की है। यह शक्ति समिति के साथ समाप्त हो गई है क्योंकि उनका कार्यकाल मार्च 2020 को समाप्त हो गया है।
उप न्यायाधीश जम्मू पवन शर्मा ने सुनवाई के बाद कहा कि क्लब के संविधान की धारा 26 कार्यकारी समिति के सदस्य के चुनाव से संबंधित है। यह स्पष्ट रूप से कहता है कि कार्यकारी शब्द चुनाव परिणाम की अधिसूचना की तारीख से दो साल का होगा और दो साल के बाद कार्यकारी समिति को भंग कर दिया जाएगा। कार्यकारी समिति के कार्यकाल को विस्तार देने के लिए संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। लिहाजा नए सदस्यों को क्लब में भर्ती करने और प्रवेश करने से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। यह आदेश दूसरे पक्ष की आपत्तियां दर्ज होने और अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा। जेएनएफ
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- पूर्व विधायक अशोक खजुरिया की याचिका पर दिया गया फैसला
जम्मू। सब जज जम्मू पवन शर्मा ने अमर सिंह क्लब के प्रबंधन में नए सदस्यों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह महत्वपूर्ण आदेश पूर्व विधायक अशोक खजुरिया और विनोद लूथरा द्वारा दायर याचिका पर दिए गए। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकील रोहित शर्मा ने कहा कि वादी अमर सिंह क्लब जम्मू के स्थायी सदस्य हैं जबकि प्रतिवादी क्लब के सचिव और कार्यकारी समिति के सदस्य हैं। क्लब की कार्यकारी समिति को संविधान के अनुसार दो साल की अवधि के लिए चुना जाता है और उसके बाद एक नई समिति का चुनाव किया जाता है।
वर्तमान कार्यकारी समिति का कार्यकाल मार्च 2020 को समाप्त हो गया है, लेकिन उसके बाद नई समिति के चुनाव के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। बल्कि क्लब में नए सदस्यों को स्वीकार करने और नामांकन करने के लिए प्रक्रिया शुरू की है। यह शक्ति समिति के साथ समाप्त हो गई है क्योंकि उनका कार्यकाल मार्च 2020 को समाप्त हो गया है।
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उप न्यायाधीश जम्मू पवन शर्मा ने सुनवाई के बाद कहा कि क्लब के संविधान की धारा 26 कार्यकारी समिति के सदस्य के चुनाव से संबंधित है। यह स्पष्ट रूप से कहता है कि कार्यकारी शब्द चुनाव परिणाम की अधिसूचना की तारीख से दो साल का होगा और दो साल के बाद कार्यकारी समिति को भंग कर दिया जाएगा। कार्यकारी समिति के कार्यकाल को विस्तार देने के लिए संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। लिहाजा नए सदस्यों को क्लब में भर्ती करने और प्रवेश करने से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। यह आदेश दूसरे पक्ष की आपत्तियां दर्ज होने और अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा। जेएनएफ
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