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प्रधानमंत्री आवास योजना का समय पर नहीं मिल रहा लाभ
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घगवाल के रंधवाल का परिवार प्रधानमंत्री आबास योजना की किशत नही मिलने से तिरपाल मे कर रहे गुजारा
- फोटो : SAMBA
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घगवाल। पंचायत के रंधवाल में एक गरीब परिवार आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त को लेकर भटक रहा है। विभागीय अधिकारियों के पास चक्कर लगाकर अब वह थक चुके हैं।
रंधवाल निवासी महिला राज किरणी पत्नी दर्शन लाल ने बताया कि उनकी कच्ची झोपड़ी थी। गत दस वर्ष से वह प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चक्कर लगा रहे थे। तीन वर्ष पूर्व उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, तो उनका नाम आवास योजना में रखा गया। उन्होंने बताया कि मार्च में उन्हें कहा गया कि शीघ्र मकान का काम शुरू करें उन्हें 50 हजार रुपये की पहली किश्त मिल गई। उन्होंने दीवारें खड़ी कर दीं। मार्च में ही उन्होंने दीवारें बना दीं। अब जबकि उन्हें छत के लिए किश्त नहीं दी जा रही है। अब वह लोग तिरपाल के नीचे रह रहे हैं। जब भी बारिश होती है तो वह चिंता में डूब जाते हैं, कि वह रात कैसे काटेंगे। उनका घरेलू सामान भी तिरपाल में ही रखा है।
महिला ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं। ऐसे में एक तिरपाल में रहना काफी मुश्किल है। उनका कहना था कि आगामी दिनों में बरसात आने वाली है। ऐसे में उन्हें परिवार की चिंता है कि यदि दूसरी किश्त समय पर नहीं मिली, तो उनका क्या होगा।
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इस बाबत उन्होंने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हें यही चिंता सता रही है कि बरसात में उनका क्या होगा। गरीब परिवार कहां जाए।
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मकान की दूसरी किश्त के लिए उच्च अधिकारियों को मामला भेज दिया है। उन्हें बताया गया है कि फंड की कमी कारण देरी हो रही है। फंड उपलब्ध होते ही उन्हें अगली किश्त जारी कर दी जाएगी।
-शीतल हंस, बीडीओ, ग्रामीण विकास विभाग, घगवाल
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रंधवाल निवासी महिला राज किरणी पत्नी दर्शन लाल ने बताया कि उनकी कच्ची झोपड़ी थी। गत दस वर्ष से वह प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चक्कर लगा रहे थे। तीन वर्ष पूर्व उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, तो उनका नाम आवास योजना में रखा गया। उन्होंने बताया कि मार्च में उन्हें कहा गया कि शीघ्र मकान का काम शुरू करें उन्हें 50 हजार रुपये की पहली किश्त मिल गई। उन्होंने दीवारें खड़ी कर दीं। मार्च में ही उन्होंने दीवारें बना दीं। अब जबकि उन्हें छत के लिए किश्त नहीं दी जा रही है। अब वह लोग तिरपाल के नीचे रह रहे हैं। जब भी बारिश होती है तो वह चिंता में डूब जाते हैं, कि वह रात कैसे काटेंगे। उनका घरेलू सामान भी तिरपाल में ही रखा है।
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महिला ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं। ऐसे में एक तिरपाल में रहना काफी मुश्किल है। उनका कहना था कि आगामी दिनों में बरसात आने वाली है। ऐसे में उन्हें परिवार की चिंता है कि यदि दूसरी किश्त समय पर नहीं मिली, तो उनका क्या होगा।
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इस बाबत उन्होंने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हें यही चिंता सता रही है कि बरसात में उनका क्या होगा। गरीब परिवार कहां जाए।
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मकान की दूसरी किश्त के लिए उच्च अधिकारियों को मामला भेज दिया है। उन्हें बताया गया है कि फंड की कमी कारण देरी हो रही है। फंड उपलब्ध होते ही उन्हें अगली किश्त जारी कर दी जाएगी।
-शीतल हंस, बीडीओ, ग्रामीण विकास विभाग, घगवाल