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कालिका कॉलोनी में एक और मकान ढहा, 16 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
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जम्मू। जम्मू शहर में सोमवार सुबह हुई भारी बारिश ने कालिका कॉलोनी में फिर कहर बरपा दिया। कॉलोनी में एक और मकान गिरने के साथ नाले किनारे बनाए गए 16 से ज्यादा घरों में बारिश का पानी घुस गया, काफी सामान भी बह गया है। एक बाथरूम की दीवार गिरने से इसके ऊपर रखी पानी की टंकी बह गई। सुबह बारिश के बाद नाले का जलस्तर बढ़ने लगा। इसे देखते संबंधित वार्ड के पार्षद शाम लाल बसन ने आईटीबीपी से सहायता मांगी। जवानों ने यहां पर नाले में लोहे के जंगले बिछाकर क्रेट बाल लगाई। इससे घरों का सामान बहने की संभावना कम हुई, लेकिन 16 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया। बेलीचराना की डोडा बस्ती में भी कई घरों में पानी घुसा है।
निचले इलाकों में दो से तीन फुट तक बारिश का पानी जमा होने से सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। नरवाल में एक तरफ सड़क पर यातायात बंद करना पड़ा। बारिश थमने के बाद पानी की निकासी होने पर ही दोपहर बाद इसे बहाल किया गया। छन्नी हिम्मत, यूनिवर्सिटी रोड, सीएसआईआर रोड समेत कई इलाकों में सड़काें के बीच गहरे गड्ढे पड़ गए हैं।
बारिश के कारण फ्लाईओवर, ज्यूल चौक, कनाल रोड, डोगरा चौक, पनामा चौक, तवी तीसरा पुल रोड, गांधी नगर और शास्त्री नगर में चौराहों में तीन-तीन फुट पानी जमा हो गया।
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बारिश तेज होने के साथ नाले किनारे
बसे लोगों की बढ़ती रहीं धड़कनें
नानक नगर के नाले किनारे बसे लोगों की बारिश तेज होने के साथ धड़कन भी तेज हो गईं। नाले का पानी ओवरफ्लो होकर पूरे इलाके में जमा हो गया। इसके अलावा ऐसा ही हाल त्रिकुटा नगर, किशन नगर, पनामा चौक में दो फीट तक पानी आ गया। इससे में यातायात कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। डिग्याना, राजीव कालोनी, गांधी नगर, ग्रीन वेल्ट में भी जल भरा रहा। कुछ इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। सड़कों ने नालों का रूप धारण कर लिया।
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नगर निगम नालों के
स्लैब ही तोड़ पाया
नगर निगम पानी की निकासी की ठीक व्यवस्था करने में असफल रहा है। नगर निगम बीते दो सोमवार हुई तेज बारिश के बाद अतिक्रमण हटाने और नालों पर डाले स्लैब तोड़ने तक ही सीमित रहा है, लेकिन बारिश ने सारे दावों की पोल खोलकर रख दी। हालांकि रुक-रुक बारिश से पानी की निकासी होती रही, जिससे कम नुकसान हुआ है।
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नरवाल पुल के नीचे
फंसा ट्रक, क्रेन से निकाला
तेज बारिश के कारण नरवाल पुल के नीचे एक ट्रक फंस गया। बारिश थमने के बाद ट्रक को क्रेन के माध्यम से खींचकर बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि ट्रक बड़ा था। ऐसे में बारिश से चालक स्थिति का पता नहीं लगा पाया और पुल के नीचे फंस गया।
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चार घंटे तक बंद बिजली रही गुल
पानी की आपूर्ति भी प्रभावित
सोमवार सुबह बिजली चमकने और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच शहर के अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई, जो सुबह दस बजे बहाल हो पाई है। इसके बाद भी बीच-बीच में बिजली कट लगते रहे। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार ग्रिड स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। बिजली न होने से सुबह पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। दोपहर 12 बजे बाद शहर में पानी की आपूर्ति की गई। पुराने शहर, बस स्टैंड, न्यू प्लाट, बख्शी नगर समेत कई इलाकों में लोग पानी आने का इंतजार करते रहे।
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धान की फसल के लिए
बारिश बनी संजीवनी
धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। इससे अब जिन इलाकों में रोपाई नहीं की गई है, वहां बासमती और धान की रोपाई की जा सकेगी। खेतों में पानी एकत्रित हुआ है। समय पर बारिश होने से इस बार धान की फसल उम्दा होने की उम्मीद है।
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निचले इलाकों में दो से तीन फुट तक बारिश का पानी जमा होने से सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। नरवाल में एक तरफ सड़क पर यातायात बंद करना पड़ा। बारिश थमने के बाद पानी की निकासी होने पर ही दोपहर बाद इसे बहाल किया गया। छन्नी हिम्मत, यूनिवर्सिटी रोड, सीएसआईआर रोड समेत कई इलाकों में सड़काें के बीच गहरे गड्ढे पड़ गए हैं।
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बारिश के कारण फ्लाईओवर, ज्यूल चौक, कनाल रोड, डोगरा चौक, पनामा चौक, तवी तीसरा पुल रोड, गांधी नगर और शास्त्री नगर में चौराहों में तीन-तीन फुट पानी जमा हो गया।
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बारिश तेज होने के साथ नाले किनारे
बसे लोगों की बढ़ती रहीं धड़कनें
नानक नगर के नाले किनारे बसे लोगों की बारिश तेज होने के साथ धड़कन भी तेज हो गईं। नाले का पानी ओवरफ्लो होकर पूरे इलाके में जमा हो गया। इसके अलावा ऐसा ही हाल त्रिकुटा नगर, किशन नगर, पनामा चौक में दो फीट तक पानी आ गया। इससे में यातायात कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। डिग्याना, राजीव कालोनी, गांधी नगर, ग्रीन वेल्ट में भी जल भरा रहा। कुछ इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। सड़कों ने नालों का रूप धारण कर लिया।
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नगर निगम नालों के
स्लैब ही तोड़ पाया
नगर निगम पानी की निकासी की ठीक व्यवस्था करने में असफल रहा है। नगर निगम बीते दो सोमवार हुई तेज बारिश के बाद अतिक्रमण हटाने और नालों पर डाले स्लैब तोड़ने तक ही सीमित रहा है, लेकिन बारिश ने सारे दावों की पोल खोलकर रख दी। हालांकि रुक-रुक बारिश से पानी की निकासी होती रही, जिससे कम नुकसान हुआ है।
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नरवाल पुल के नीचे
फंसा ट्रक, क्रेन से निकाला
तेज बारिश के कारण नरवाल पुल के नीचे एक ट्रक फंस गया। बारिश थमने के बाद ट्रक को क्रेन के माध्यम से खींचकर बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि ट्रक बड़ा था। ऐसे में बारिश से चालक स्थिति का पता नहीं लगा पाया और पुल के नीचे फंस गया।
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चार घंटे तक बंद बिजली रही गुल
पानी की आपूर्ति भी प्रभावित
सोमवार सुबह बिजली चमकने और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच शहर के अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई, जो सुबह दस बजे बहाल हो पाई है। इसके बाद भी बीच-बीच में बिजली कट लगते रहे। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार ग्रिड स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। बिजली न होने से सुबह पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। दोपहर 12 बजे बाद शहर में पानी की आपूर्ति की गई। पुराने शहर, बस स्टैंड, न्यू प्लाट, बख्शी नगर समेत कई इलाकों में लोग पानी आने का इंतजार करते रहे।
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धान की फसल के लिए
बारिश बनी संजीवनी
धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। इससे अब जिन इलाकों में रोपाई नहीं की गई है, वहां बासमती और धान की रोपाई की जा सकेगी। खेतों में पानी एकत्रित हुआ है। समय पर बारिश होने से इस बार धान की फसल उम्दा होने की उम्मीद है।