{"_id":"61707816b11714631c2f70fc","slug":"problem-jammu-kashmir-train-ticket-booking-city-reporter-news-jmu246229424","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन में सीट नहीं, जम्मू में बच्चों के साथ स्टेशन पर रातें काट रहे श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन में सीट नहीं, जम्मू में बच्चों के साथ स्टेशन पर रातें काट रहे श्रमिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। कश्मीर से बीते दिन दिन में हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक जम्मू पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के रहने वाले हैं। इन राज्यों के लिए जम्मू से जाने वाली ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी है। ट्रेनों में जरनल बोगी न होने से आरक्षित सीट बुक न हो पाने पर श्रमिक परेशान हैं। इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल के लिए विशेष ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए श्रमिकों की संख्या जुटाई जा रही है।
जम्मू रेलवे स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। कामगार जिया-उल हक बंगाल के रहने वाले हैं और 18 अक्तूबर को जम्मू पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हमारा 15 लोगों का समूह है। घाटी से अचानक आना पड़ा, जिसके कारण टिकट कर्न्फम नहीं करवा सके। दो दिन से ट्रेन में सीटें बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिली। टिकट बुक न होने से ट्रेन में बैठने नहीं दे रहे। ट्रेन में अगर जरनल बोगी होती तो जाने में परेशानी नहीं होती। सरकार को चाहिए या तो ट्रेन में अतिरिक्त बोगी लगाए या फिर विशेष ट्रेन चलाए ताकि वे लोग घर जा सकें। उन्होंने कहा कि दो दिनों से रेलवे परिसर में सोने को मजबूर है, सरकार का हमारी तरफ कोई ध्यान नहीं है।
--
जीआरपी के साथ मिलकर घाटी से पहुंच रहे श्रमिकों की संख्या जुटा रहे हैं। इसके बाद यह जानकारी डीआरएम कार्यालय फिरोजपुर भेजी जाएगी। डीआरएम कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद ही विशेष ट्रेन चलाने या ट्रेन में अतिरिक्त बोगी लगाने का कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
- बलदेव राज, एडीआरएम जम्मू
विज्ञापन
जम्मू रेलवे स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। कामगार जिया-उल हक बंगाल के रहने वाले हैं और 18 अक्तूबर को जम्मू पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हमारा 15 लोगों का समूह है। घाटी से अचानक आना पड़ा, जिसके कारण टिकट कर्न्फम नहीं करवा सके। दो दिन से ट्रेन में सीटें बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिली। टिकट बुक न होने से ट्रेन में बैठने नहीं दे रहे। ट्रेन में अगर जरनल बोगी होती तो जाने में परेशानी नहीं होती। सरकार को चाहिए या तो ट्रेन में अतिरिक्त बोगी लगाए या फिर विशेष ट्रेन चलाए ताकि वे लोग घर जा सकें। उन्होंने कहा कि दो दिनों से रेलवे परिसर में सोने को मजबूर है, सरकार का हमारी तरफ कोई ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
--
जीआरपी के साथ मिलकर घाटी से पहुंच रहे श्रमिकों की संख्या जुटा रहे हैं। इसके बाद यह जानकारी डीआरएम कार्यालय फिरोजपुर भेजी जाएगी। डीआरएम कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद ही विशेष ट्रेन चलाने या ट्रेन में अतिरिक्त बोगी लगाने का कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
- बलदेव राज, एडीआरएम जम्मू