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रूपनगर में जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण, फिर भी बेच दिए प्लाट
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जम्मू। अतिक्रमण के चलते रूपनगर में जेडीए की ओर से आवंटित प्लाट लाभार्थियों को आठ साल बाद भी नहीं मिल पाए हैं। 2014 में प्लाट आवंटित किए थे, जिसके लाभार्थियों ने लाखों रुपये जेडीए के पास जमा करवाए थे। आठ साल में जेडीए प्लाट के लिए अन्य विकल्प नहीं देख पाया है और न ही जमीन से अतिक्रमण हटा पाया है। अभी दो दिन शुरू किया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान भी बीच में रोक दिया गया है, जिससे लाभार्थियों के हाथ फिर निराशा लगी है।
जेडीए ने जिस समय प्लाट आवंटित किए उस समय भी वहां पर अतिक्रमण किया हुआ था। प्लाट बांटने से पहले जमीन खाली नहीं करवाई गई। विभाग की गलत कार्रवाई से अब कब्जाधारक परेशान हो रहे हैं।
यहां पर लाभार्थियों को 98 के करीब प्लाट आवंटित किए जाने है, लेकिन उन्हें अभी तक कब्जा नहीं मिल पाया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लाभार्थी जेडीए कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। वहीं, आवंटन प्रक्रिया फिर से बाधित होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। रूपनगर में लाभार्थियों ने टू बीएचके और थ्री बीएचके के सेट के लिए निर्धारित राशि भी जमा करवा दी। प्लाट नहीं मिलने की सूरत में अभी तक राशि वापस नहीं की गई है। कुछ लाभार्थियों ने बैंक से लोन लेकर राशि जमा करवाई है। अब हालत यह है कि लाभार्थी स्वयं को छला महसूस कर रहे हैं।
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लाभार्थियों के अनुसार अतिक्रमण अभियान के बाद आस जगी थी कि प्लाट मिल जाएंगे। मगर लंबे समय से जमीन पर अतिक्रमण कर बैठे लोग अभी भी वहीं हैं। जेडीए का अभियान भी बीच में रुक गया है। इससे प्लाट मिलने में अभी और देरी हो सकती है। लाभार्थी काफी समय से जेडीए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
अतिक्रमण जल्द हटाया जाएगा। कुछ दिनों के लिए इसे रोका गया है। लाभार्थियों को प्लाट आवंटित किए जाएंगे। जमीन जेडीए के नाम पर है। कोर्ट ने भी हरी झंडी दी है। जल्द ही कार्रवाई को पूरा किया जाएगा।
- पंकज मंगोत्रा, वीसी, जेडीए
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जेडीए ने जिस समय प्लाट आवंटित किए उस समय भी वहां पर अतिक्रमण किया हुआ था। प्लाट बांटने से पहले जमीन खाली नहीं करवाई गई। विभाग की गलत कार्रवाई से अब कब्जाधारक परेशान हो रहे हैं।
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यहां पर लाभार्थियों को 98 के करीब प्लाट आवंटित किए जाने है, लेकिन उन्हें अभी तक कब्जा नहीं मिल पाया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लाभार्थी जेडीए कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। वहीं, आवंटन प्रक्रिया फिर से बाधित होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। रूपनगर में लाभार्थियों ने टू बीएचके और थ्री बीएचके के सेट के लिए निर्धारित राशि भी जमा करवा दी। प्लाट नहीं मिलने की सूरत में अभी तक राशि वापस नहीं की गई है। कुछ लाभार्थियों ने बैंक से लोन लेकर राशि जमा करवाई है। अब हालत यह है कि लाभार्थी स्वयं को छला महसूस कर रहे हैं।
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लाभार्थियों के अनुसार अतिक्रमण अभियान के बाद आस जगी थी कि प्लाट मिल जाएंगे। मगर लंबे समय से जमीन पर अतिक्रमण कर बैठे लोग अभी भी वहीं हैं। जेडीए का अभियान भी बीच में रुक गया है। इससे प्लाट मिलने में अभी और देरी हो सकती है। लाभार्थी काफी समय से जेडीए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
अतिक्रमण जल्द हटाया जाएगा। कुछ दिनों के लिए इसे रोका गया है। लाभार्थियों को प्लाट आवंटित किए जाएंगे। जमीन जेडीए के नाम पर है। कोर्ट ने भी हरी झंडी दी है। जल्द ही कार्रवाई को पूरा किया जाएगा।
- पंकज मंगोत्रा, वीसी, जेडीए