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दिहाड़ीदारों को नहीं मिल रहा काम, घर चलाना मुश्किल
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जम्मू। लॉकडाउन बढ़ने के बाद अब दिहाड़ीदारों को काम की चिंता सताने लगी है। हालत यह है कि दिहाड़ी लग नहीं रही, जो कमाया था तीन दिन में खत्म हो गया। अब रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। कुछ लोग काम की तलाश में सुबह छह से दस बजे तक निकल रहे हैं, लेकिन काम नहीं मिल रहा।
लोगों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन सोमवार को खुल जाएगा। ऐसे में वे फिर से काम पर लौटेंगे। मौजूदा समय में कई लोग रेहड़ी-फड़ी लगाकर जीवन यापन करते हैं। सड़कों में सामान बेचकर दो सौ से तीन सौ रुपये दिहाड़ी कमाते हैं। वहीं, ऑटो, टैक्सी का काम मंदा चल रहा है। लॉकडाउन खुलने के बाद ही जीवन पटरी पर आ सकेगा। ऑटो चालक रमेश, गोपाल और संदीप ने बताया कि वे शहर में ऑटो चलाते हैं, लेकिन इन दिनों कोई कमाई नहंीं हो रही है। किश्तें और किराया अदा करने को है। अब घरों का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। फड़ी लगाने वाले गोपाल, सरिता और नीलम ने बताया कि केसी चौक में फुटपाथ पर फड़ी लगाकर मसाले और अन्य सामान बेचते हैं। लेकिन लॉकडाउन के कारण तीन दिन से दिहाड़ी ही नहीं लगी है। रोटी की चिंता सताने लगी है।
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सामान बेचने निकली महिला
नहीं पता था लॉकडाउन है
रेशमघर कॉलोनी, कृष्णा नगर में एक फेरी बाली महिला को पता नहीं था कि लॉकडाउन लगा है। घरों से निकलने पर प्रतिबंध है। महिला अन्य दिनों की तरह ही सामान बेचने पहुंची। महिला ने रेशमघर कॉलोनी और कृष्णा नगर का चक्कर भी काटा। मगर उसका सामान नहीं बिका। लोगों ने उसे समझाया कि लॉकडाउन लगा है। तुम्हारा सामान जब्त हो सकता है, लेकिन महिला ने किसी की परवाह नहीं की। सामान बेचने के लिए जोर-जोर से आवाजें लगाती रही। हालांकि महिला चादरें बेचने आई थी। बाद में बुजुर्ग लोगों के कहने पर वापस घर लौटी।
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लोगों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन सोमवार को खुल जाएगा। ऐसे में वे फिर से काम पर लौटेंगे। मौजूदा समय में कई लोग रेहड़ी-फड़ी लगाकर जीवन यापन करते हैं। सड़कों में सामान बेचकर दो सौ से तीन सौ रुपये दिहाड़ी कमाते हैं। वहीं, ऑटो, टैक्सी का काम मंदा चल रहा है। लॉकडाउन खुलने के बाद ही जीवन पटरी पर आ सकेगा। ऑटो चालक रमेश, गोपाल और संदीप ने बताया कि वे शहर में ऑटो चलाते हैं, लेकिन इन दिनों कोई कमाई नहंीं हो रही है। किश्तें और किराया अदा करने को है। अब घरों का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। फड़ी लगाने वाले गोपाल, सरिता और नीलम ने बताया कि केसी चौक में फुटपाथ पर फड़ी लगाकर मसाले और अन्य सामान बेचते हैं। लेकिन लॉकडाउन के कारण तीन दिन से दिहाड़ी ही नहीं लगी है। रोटी की चिंता सताने लगी है।
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सामान बेचने निकली महिला
नहीं पता था लॉकडाउन है
रेशमघर कॉलोनी, कृष्णा नगर में एक फेरी बाली महिला को पता नहीं था कि लॉकडाउन लगा है। घरों से निकलने पर प्रतिबंध है। महिला अन्य दिनों की तरह ही सामान बेचने पहुंची। महिला ने रेशमघर कॉलोनी और कृष्णा नगर का चक्कर भी काटा। मगर उसका सामान नहीं बिका। लोगों ने उसे समझाया कि लॉकडाउन लगा है। तुम्हारा सामान जब्त हो सकता है, लेकिन महिला ने किसी की परवाह नहीं की। सामान बेचने के लिए जोर-जोर से आवाजें लगाती रही। हालांकि महिला चादरें बेचने आई थी। बाद में बुजुर्ग लोगों के कहने पर वापस घर लौटी।
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