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पशुओं में लंपी रोग विकराल, हर गांव में 5 से 6 मवेशी रोज हो रहे बीमार
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ज्यौड़ियां/अखनूर। खौड़ व अखनूर के सीमावर्ती गांवों में लंपी नामक बीमारी से पशुओं की हो रही मौत से पशुपालक परेशान हैं। हर रोज हर गांव में पांच से छह पशु इसकी चपेट में आ रहे हैं। पशुपालकों के अनुसार इस बीमारी की पहचान पहले दिन पशु के शरीर पर गांठें बन रही हैं और दूसरे दिन पशु के खुर में सूजन के साथ बुखार आ रहा है। खौड़ के किसान यशपाल शर्मा, नसीब सिंह, तरसेम लाल आदि ने बताया कि बीमारी की चपेट में आने से पशु घास खाना छोड़ रहे हैं। अब उन्होंने दुधारू मवेशियों से दूध निकालना भी बंद कर दिया है। बताया कि इससे पहले यह बीमारी कभी नहीं देखी। पहले पशुओं में बरसात के मौसम में खुर में सूजन जैसे लक्षण दिखते थे, जो गर्म पानी डालने पर ठीक हो जाते थे, लेकिन इस बार कई मवेशियों की जान चली गई है। उधर, अखनूर में लगातार फैल रही इस बीमारी से पशुपालक परेशान हैं। पशुपालक बंसीलाल व देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोज इस बीमारी से मवेशी मर रहे हैं। इन लोगों ने पशुपालन विभाग और सरकार से इस बीमारी से जल्द निजात दिलाने की मांग की है।
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डॉक्टर की सलाह, बीमार पशुओं
को खुले में चरने के लिए न छोड़ें
ज्यौड़ियां से पशु चिकित्सक डॉ. नरेश चौधरी ने बताया की इस बीमारी के नाम लंपी वायरस है। जिसकी वैक्सीन अभी नहीं बनी है। फिर भी हम लोग अपने तरीके से पशुओं का इलाज कर रहे हैं। कुछ पशु ठीक भी हो रहे हैं। डॉ. नरेश ने बताया की अगर मवेशियों को अन्य पशुओं से अलग रखा जाएग तो तो यह बीमारी कुछ हद तक जल्दी कम होगी, क्योंकि पशुपालकों ने अपने सभी पशु एक ही स्थान पर रखे हैं, जिससे बीमारी अधिक फैल रही है।उन्होंने सलाह दी है कि बीमार पशुओं को खुले में चरने के लिए न छोडे़ं।
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डॉक्टर की सलाह, बीमार पशुओं
को खुले में चरने के लिए न छोड़ें
ज्यौड़ियां से पशु चिकित्सक डॉ. नरेश चौधरी ने बताया की इस बीमारी के नाम लंपी वायरस है। जिसकी वैक्सीन अभी नहीं बनी है। फिर भी हम लोग अपने तरीके से पशुओं का इलाज कर रहे हैं। कुछ पशु ठीक भी हो रहे हैं। डॉ. नरेश ने बताया की अगर मवेशियों को अन्य पशुओं से अलग रखा जाएग तो तो यह बीमारी कुछ हद तक जल्दी कम होगी, क्योंकि पशुपालकों ने अपने सभी पशु एक ही स्थान पर रखे हैं, जिससे बीमारी अधिक फैल रही है।उन्होंने सलाह दी है कि बीमार पशुओं को खुले में चरने के लिए न छोडे़ं।
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