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पीएम मोदी ने एशिया की सबसे बड़ी सुरंग 'जोजिला' और किशनगंगा पनबिजली परियोजना का किया लोकार्पण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 19 May 2018 05:22 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में एशिया की सबसे बड़ी सुरंग 'जोजिला टनल' का लोकार्पण कर दिया है। श्रीनगर कारगिल लेह नेशनल हाईवे पर 11,578 फीट ऊंचाई पर 14.5 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल का निर्माण करीब 7000 करोड़ की राशि से होगा। इससे बनने से कारगिल तक सड़क संपर्क पूरे साल बहाल हो जाएगा।
बर्फबारी के चलते अभी सात महीने सड़क संपर्क बंद रहता है। टनल से लद्दाख क्षेत्र में आर्थिक तरक्की के नए युग की शुरुआत होने के साथ देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक व सांस्कृतिक एकता में भी इजाफा होगा। चीन, पाकिस्तान से लगती सीमा पर सैनिकों को सड़क मार्ग से सरलता से पहुंचाया जा सकेगा।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ये जगह मेरे लिए नया नहीं है। मैं अक्सर यहां अतिथि बन कर आता रहा हूं। लेकिन लेह की धरती पर ऐसा कार्यक्रम शायद पहली बार हुआ है कि जहां तक मेरी नजर जा रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। लेह में केवल आज के दिन करीब 7000 करोड़ की लागत से इस टनल का निर्माण होगा। जिससे लेह-कारगिल की अर्थव्यवस्था में सुधार आने का कारण भी बनेगी।
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बता दें कि पीएम मोदी आज जम्मू-कश्मीर के दिवसीय दौरे पर हैं। पीएम लेह में 19वें लद्दाखी आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला की 100वीं जयंती समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
आपको बता दें कि पीएम मोदी राज्य के तीनों क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के साथ-साथ कई परियोजनाओं का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इस टनल से लद्दाख क्षेत्र सड़क मार्ग से देश से बारहों महीने जुड़ा रहेगा ही, साथ ही सामरिक दृष्टि से भी राष्ट्र की सामरिक ताकत बढ़ेगी।
पीएम मोदी लेह के बाद श्रीनगर में एसकेआईसीसी में प्रधानमंत्री श्रीनगर रिंग रोड की आधार रखेंगे। इसके अलावा कश्मीर के बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा पर 330 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित भी करेंगे।
एनएचपीसी की तरफ करीब 5750 करोड़ की राशि से बनी परियोजना में 110 मेगावाट की तीन टरबाइन शामिल हैं। तीनों टरबाइन का सफल परीक्षण 30 मार्च 2018 को पूरा किया जा चुका है। परियोजना से जम्मू कश्मीर को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी।
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बर्फबारी के चलते अभी सात महीने सड़क संपर्क बंद रहता है। टनल से लद्दाख क्षेत्र में आर्थिक तरक्की के नए युग की शुरुआत होने के साथ देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक व सांस्कृतिक एकता में भी इजाफा होगा। चीन, पाकिस्तान से लगती सीमा पर सैनिकों को सड़क मार्ग से सरलता से पहुंचाया जा सकेगा।
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इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ये जगह मेरे लिए नया नहीं है। मैं अक्सर यहां अतिथि बन कर आता रहा हूं। लेकिन लेह की धरती पर ऐसा कार्यक्रम शायद पहली बार हुआ है कि जहां तक मेरी नजर जा रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। लेह में केवल आज के दिन करीब 7000 करोड़ की लागत से इस टनल का निर्माण होगा। जिससे लेह-कारगिल की अर्थव्यवस्था में सुधार आने का कारण भी बनेगी।
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बता दें कि पीएम मोदी आज जम्मू-कश्मीर के दिवसीय दौरे पर हैं। पीएम लेह में 19वें लद्दाखी आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला की 100वीं जयंती समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
आपको बता दें कि पीएम मोदी राज्य के तीनों क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के साथ-साथ कई परियोजनाओं का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इस टनल से लद्दाख क्षेत्र सड़क मार्ग से देश से बारहों महीने जुड़ा रहेगा ही, साथ ही सामरिक दृष्टि से भी राष्ट्र की सामरिक ताकत बढ़ेगी।
पीएम मोदी लेह के बाद श्रीनगर में एसकेआईसीसी में प्रधानमंत्री श्रीनगर रिंग रोड की आधार रखेंगे। इसके अलावा कश्मीर के बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा पर 330 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित भी करेंगे।
एनएचपीसी की तरफ करीब 5750 करोड़ की राशि से बनी परियोजना में 110 मेगावाट की तीन टरबाइन शामिल हैं। तीनों टरबाइन का सफल परीक्षण 30 मार्च 2018 को पूरा किया जा चुका है। परियोजना से जम्मू कश्मीर को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी।
किशनगंगा परियोजना का लोकार्पण
रिंग रोड
मोदी ने कश्मीर में पाकिस्तान सीमा से सटे जिले बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा पर 330 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना का भी लोकार्पण किया। इस परियोजना का निर्माण एनएचपीसी की तरफ से किया गया है।
करीब 5750 करोड़ की राशि से बनी परियोजना में 110 मेगावाट की तीन टरबाइन शामिल हैं। तीनों टरबाइन का सफल परीक्षण 30 मार्च 2018 को पूरा किया जा चुका है। परियोजना से जम्मू कश्मीर रियासत को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके अलावा एनएचपीसी देश के अन्य हिस्सों में भी यहां से बिजली भेज पाएगा। किशनगंगा परियोजना के निर्माण पर पाकिस्तान आपत्ति जताता रहा है।
मोदी ने युवाओं से की मुख्यधारा में लौटने की अपील
पीएम मोदी ने कश्मीर के एसकेआईसी में अपने भाषण के दौरान कश्मीर के युवाओं से आतंक की राह को छोड़ मुख्यधारा मे वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर के विकास में कश्मीर के युवाओं का अहम योगदान रहा है।
करीब 5750 करोड़ की राशि से बनी परियोजना में 110 मेगावाट की तीन टरबाइन शामिल हैं। तीनों टरबाइन का सफल परीक्षण 30 मार्च 2018 को पूरा किया जा चुका है। परियोजना से जम्मू कश्मीर रियासत को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके अलावा एनएचपीसी देश के अन्य हिस्सों में भी यहां से बिजली भेज पाएगा। किशनगंगा परियोजना के निर्माण पर पाकिस्तान आपत्ति जताता रहा है।
मोदी ने युवाओं से की मुख्यधारा में लौटने की अपील
पीएम मोदी ने कश्मीर के एसकेआईसी में अपने भाषण के दौरान कश्मीर के युवाओं से आतंक की राह को छोड़ मुख्यधारा मे वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर के विकास में कश्मीर के युवाओं का अहम योगदान रहा है।
एम्स, जम्मू अखनूर सड़क चौड़ीकरण ठंडे बस्ते में
रोपवे का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी
जम्मू की दो बड़ी मेगा परियोजनाओं में एम्स और जम्मू-अखनूर सड़क चौड़ीकरण परियोजना की आधारशिला को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार साल 2015 से जम्मू में एम्स को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली थी। लेकिन अभी तक भूमि अधिग्रहण का कार्य तक पूरा नहीं हो पाया है।
ऐसे में एम्स परियोजना के लिए अभी जम्मू संभाग के लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। इसी तरह जम्मू-अखनूर सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रधानमंत्री विकास की राशि मंजूर होने के बावजूद भी इस परियोजना की आधारशिला भी नहीं रखी जाएगी। इसके लिए अभी लोगों को कम से कम छह महीने का ओर इंतजार करना पड़ सकता है।
ऐसे में एम्स परियोजना के लिए अभी जम्मू संभाग के लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। इसी तरह जम्मू-अखनूर सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रधानमंत्री विकास की राशि मंजूर होने के बावजूद भी इस परियोजना की आधारशिला भी नहीं रखी जाएगी। इसके लिए अभी लोगों को कम से कम छह महीने का ओर इंतजार करना पड़ सकता है।