{"_id":"572e36fb4f1c1be5715cd30d","slug":"president-gave-veer-chakra-to-soldier","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी आतंकी नावेद को जिंदा पकड़ने वाले जीजा-साले को शौर्य चक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तानी आतंकी नावेद को जिंदा पकड़ने वाले जीजा-साले को शौर्य चक्र
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 08 May 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
आतंकी नावेद को पकड़ने वालों को वीर चक्र देते राष्ट्रपति
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर हमले में पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद को जिंदा पकड़ने वाले जीजा-साले को शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में आयोजित समारोह में शौर्य चक्र से सम्मानित किया। इन दोनों के अलावा हमले में शहीद बीएसएफ कांस्टेबल राकी को भी मरणोपरांत शौर्य सम्मान दिया गया। उनका सम्मान उनकी मां ने लिया।
जीजा विक्रमजीत सिंह तथा साला राकेश ने सम्मान पाने के बाद फोन पर कहा कि उन्हें गर्व है। पुरस्कार से उनका हौसला बढ़ा है। इससे लोगों में आतंक के खिलाफ लड़ने का जज्बा बढ़ेगा। राकेश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने उनकी बहादुरी को सलाम किया है।
कहा कि मेरी कोशिश होगी कि समाज के हर वर्ग के लोग आतंक के खिलाफ लड़ाई में आगे आएं और सब मिल कर इसका खात्मा करें। ज्ञात हो कि पांच अगस्त 2015 को बीएसएफ के काफिले की बस पर उधमपुर के नरसू नाले के पास आतंकियों ने हमला कर दिया था। मौके पर एक आतंकी मार गिराया गया था जबकि बीएसएफ का कांस्टेबल राकी शहीद हो गया था।
विज्ञापन
उधर, रक्षा क्षेत्र में मरणोपरांत वीरता पुरस्कार पाने वालों के सम्मान के तौर पर राष्ट्रपति से पुरस्कार लेते समय मृतक के निकटतम परिजन के अलावा उनके माता-पिता भी पुरस्कार प्राप्त करने वालों के साथ आ सकते हैं।
शनिवार को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में हुए रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान सरकार ने इस नई पहल की शुरुआत की। इस समारोह में दिए गए 14 वीरता पुरस्कारों में से दो कीर्ति चक्र और चार शौर्य चक्र मरणोपरांत दिए गए।
विज्ञापन
जीजा विक्रमजीत सिंह तथा साला राकेश ने सम्मान पाने के बाद फोन पर कहा कि उन्हें गर्व है। पुरस्कार से उनका हौसला बढ़ा है। इससे लोगों में आतंक के खिलाफ लड़ने का जज्बा बढ़ेगा। राकेश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने उनकी बहादुरी को सलाम किया है।
विज्ञापन
कहा कि मेरी कोशिश होगी कि समाज के हर वर्ग के लोग आतंक के खिलाफ लड़ाई में आगे आएं और सब मिल कर इसका खात्मा करें। ज्ञात हो कि पांच अगस्त 2015 को बीएसएफ के काफिले की बस पर उधमपुर के नरसू नाले के पास आतंकियों ने हमला कर दिया था। मौके पर एक आतंकी मार गिराया गया था जबकि बीएसएफ का कांस्टेबल राकी शहीद हो गया था।
विज्ञापन
उधर, रक्षा क्षेत्र में मरणोपरांत वीरता पुरस्कार पाने वालों के सम्मान के तौर पर राष्ट्रपति से पुरस्कार लेते समय मृतक के निकटतम परिजन के अलावा उनके माता-पिता भी पुरस्कार प्राप्त करने वालों के साथ आ सकते हैं।
शनिवार को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में हुए रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान सरकार ने इस नई पहल की शुरुआत की। इस समारोह में दिए गए 14 वीरता पुरस्कारों में से दो कीर्ति चक्र और चार शौर्य चक्र मरणोपरांत दिए गए।