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बिजली-पानी के संकट पर ग्रामीणाें ने किया हाईवे जाम
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अखनूर। बिजली-पानी की प्रमुख समस्या को लेकर उप जिला चौकी चौहरा के नेशनल हाईवे पर ग्रामीणों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। तीन घंटे तक नेशनल हाईवे पर लगे जाम से करीब चार किमी हाईवे पर वाहनों की लाइन लग गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिजली की कटौती और पानी की किल्लत से वह लो जूझ रहे हैं। मगर प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। इस दौरान एसडीएम और तहसीलदार मौके से नदारद रहे।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे, मगर मौके पर तहसीलदार और एसडीएम के मौजूद न होने पर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। ग्रामीण एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे-144 पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोग तीन घंटे तक हाईवे पर डटे रहे, जिससे जाम लग गया। मौके पर एसडीपीओ वरुण जंडियाल पहुंचे तो ग्रामीणों ने डीसी जम्मू से फोन पर बातचीत की। एडीसी को मौके पर भेजकर समस्याओं का समाधान करने के आश्वासन पर आंदोलन खत्म कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहा। लो वोल्टेज और पानी की किल्लत है। इमारत बनाने के लिए बजरी, रेत उठाने पर वाहनों को बेवजह जब्त किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी तानाशाही का रवैया अपनाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम सहित अन्य विभाग के अधिकारी कार्यालय में कम मिलते हैं। जिस पर क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान नहीं होता है। ऐसे में सरकार को चाहिए ऐसे अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाए, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। इस अवसर पर बीडीसी चेयरमैन राहुल देव, सरपंच दौलत राम, रवि कुमार, केवल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। एसडीपीओ वरुण जंडियाल ने बताया प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से कुछ मुद्दों पर सहमति बनाने पर आबरू रोड पर यातायात सुचारु हो गया है।
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वहीं तीन घंटे तक हाईवे पर जाम के कारण दोनों ओर चार किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। राजोरी, पुंछ और कश्मीर घाटी से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। लोगों को अपने गतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे, मगर मौके पर तहसीलदार और एसडीएम के मौजूद न होने पर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। ग्रामीण एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे-144 पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोग तीन घंटे तक हाईवे पर डटे रहे, जिससे जाम लग गया। मौके पर एसडीपीओ वरुण जंडियाल पहुंचे तो ग्रामीणों ने डीसी जम्मू से फोन पर बातचीत की। एडीसी को मौके पर भेजकर समस्याओं का समाधान करने के आश्वासन पर आंदोलन खत्म कर दिया।
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ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहा। लो वोल्टेज और पानी की किल्लत है। इमारत बनाने के लिए बजरी, रेत उठाने पर वाहनों को बेवजह जब्त किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी तानाशाही का रवैया अपनाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम सहित अन्य विभाग के अधिकारी कार्यालय में कम मिलते हैं। जिस पर क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान नहीं होता है। ऐसे में सरकार को चाहिए ऐसे अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाए, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। इस अवसर पर बीडीसी चेयरमैन राहुल देव, सरपंच दौलत राम, रवि कुमार, केवल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। एसडीपीओ वरुण जंडियाल ने बताया प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से कुछ मुद्दों पर सहमति बनाने पर आबरू रोड पर यातायात सुचारु हो गया है।
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वहीं तीन घंटे तक हाईवे पर जाम के कारण दोनों ओर चार किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। राजोरी, पुंछ और कश्मीर घाटी से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। लोगों को अपने गतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।