जम्मू में खड़ा हो सकता है बड़ा बिजली संकट
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी में स्थित पनबिजली परियोजना-2 में आग के बाद से 240 मेगावाट पन बिजली उत्पादन ठप पड़ा होने की वजह से जम्मू कश्मीर को सर्दियों में बिजली संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार अतिरिक्त बिजली का कोटा मुहैया करवाएगी। इसके अलावा परियोजना में आग की घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाई जा रही है और जिम्मेदारी और जवाबदेही को तय किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जम्मू में भाजपा के ट्रेड एंड इंडस्ट्री पर विजन सेमीनार में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने के बाद केंद्रीय मंत्री ने ‘अमर उजाला’ संवाददाता की ओर से पूछे गए इस संबंध में सवाल के जवाब में कहा कि 240 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता की उड़ी दो परियोजना में पिछले सप्ताह हुई आग की घटना और पन बिजली उत्पादन ठप होने का संज्ञान लिया गया है।
गोयल का कहना है कि उच्च स्तरीय जांच के अलावा परियोजना से बिजली उत्पादन बंद होने से जम्मू कश्मीर रियासत को सर्दियों में बिजली संकट का ज्यादा सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार अतिरिक्त बिजली का कोटा राज्य के लिए जारी करेगी।
परियोजना में आग की घटना की उच्च स्तरीय जांच जारी
गोयल का कहना है कि जम्मू कश्मीर राज्य में 20 हजार मेगावाट पन बिजली उत्पादन की क्षमता है। इतने उत्पादन से जम्मू कश्मीर में 24 घंटे बिजली ही नहीं पूरे उत्तर भारत में बिजली की समस्या का हल हो सकता है। केंद्र सरकार ने इसको समझते हुए इस सिलसिले में जरूरी कदम उठाए हैं।
उनकी कोशिश है कि पन बिजली परियोजनाओं के निर्माण की एक-एक कर डीपीआर तैयार करने के बजाय एक बार में सभी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली जाए, ताकि तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद निर्माण कार्य तेजी से पूरे हो सकें। गोयल का कहना है कि जम्मू कश्मीर में पहले थर्मल प्लांट को भी जल्द मंजूरी दे दी जाएगी।
गोयल का कहना है कि रियासत में जितनी भी पन बिजली परियोजनाएं शुरू होंगी, उसमें रियासत को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी और यही नहीं, एक फीसदी स्थानीय क्षेत्र विकास के लिए भी मिलेगा और इससे जम्मू कश्मीर में बिजली 24 घंटे मिलने के वजह से आर्थिक तरक्की तेजी से हो सकेगी।