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जम्मू में बाढ़ के बाद मच्छर बने चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 05 Oct 2014 08:53 PM IST
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बाढ़ के बाद कई इलाकों में अभी भी पानी खड़ा रहने से मलेरिया और डेंगू की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने अभी सक्रियता जारी रखी हुई है। तापमान के भी न गिरने से मलेरिया और डेंगू की आशंका बरकरार है। विभाग की ओर से नवंबर के अंत तक मच्छरों के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा। इसके लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीमें नियमित रूप से काम कर रही हैं।
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स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह का कहना है कि पारा गिरने की सूरत में नवंबर के मध्यम मच्छरों के खिलाफ अभियान बंद कर दिया जाएगा। लेकिन अगर तापमान इसी तरह बना रहा, तो इसे आगे बढ़ा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में रिकार्ड एक हजार से ज्यादा डेंगू के पाजिटिव मामले सामने आए थे। इसमें जिला सांबा, कठुआ और जम्मू सबसे ज्यादा प्रभावित रहा था।
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दिल्ली में भी हाल में डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। मच्छरों के पनपने के लिए शहर के र्कई क्षेत्र संवेदनशील रहे हैं। इसमें नरवाल यार्ड, वेयर हाउस, बस स्टैंड, एसआरटीसी यार्ड आदि शामिल हैं। इनमें मच्छरों को बढ़ावा देने के लिए टायरों में जमा पानी प्रमुख कारण बनता है। बाढ़ के बाद अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पानी जमा है।
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विभाग ने तवी किनारे स्थित कई क्षेत्रों में छिड़काव अभियान चलाया है। पिछले साल निजी क्लीनिकों पर बड़ी संख्या में लोग डेंगू के टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन एलिजा टेस्ट की सरकारी तौर पर ही सुविधा उपलब्ध है।