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Jammu News: पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी और विस्थापित परिवारों को राहत
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वित्तीय सहायता योजना की समय सीमा एक साल बढ़ाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकार ने पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी और 1947, 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान छंब से विस्थापित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता योजना की समय सीमा एक साल बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी है। इससे विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। यह समय सीमा गत वित्त वर्ष के अंत में खत्म हो गई थी।
केंद्र सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए 2016 में पुनर्वास पैकेज लाया था। 5764 पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों के लिए योजना के तहत स्वीकृत परिव्यय 317.02 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना जम्मू कश्मीर में बसे पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की तिथि संपन्न होने पर करीब 4 हजार परिवार चिंतित थे। इसी तरह 1947 में पीओजेके 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान छंब से विस्थापित परिवारों के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। विस्थापित परिवारों को वित्तीय सहायत देने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। शरणार्थी परिवारों को 30 लाख रुपये तक राहत पैकेज देने की योजना है, लेकिन चरणब्ध पहले 5.5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। मार्च 2026 के बाद योजना की समय सीमा को नहीं बढ़ाया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकार ने पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी और 1947, 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान छंब से विस्थापित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता योजना की समय सीमा एक साल बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी है। इससे विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। यह समय सीमा गत वित्त वर्ष के अंत में खत्म हो गई थी।
केंद्र सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए 2016 में पुनर्वास पैकेज लाया था। 5764 पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों के लिए योजना के तहत स्वीकृत परिव्यय 317.02 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना जम्मू कश्मीर में बसे पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की तिथि संपन्न होने पर करीब 4 हजार परिवार चिंतित थे। इसी तरह 1947 में पीओजेके 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान छंब से विस्थापित परिवारों के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। विस्थापित परिवारों को वित्तीय सहायत देने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। शरणार्थी परिवारों को 30 लाख रुपये तक राहत पैकेज देने की योजना है, लेकिन चरणब्ध पहले 5.5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। मार्च 2026 के बाद योजना की समय सीमा को नहीं बढ़ाया जाएगा।
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