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Jammu News: शहर का गंदा पानी बसंतर दरिया को कर रहा प्रदूषित
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नगर परिषद का कोई ध्यान नहीं, लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे की गंदगी बसंतर दरिया को प्रदूषित कर रही है। इस ओर नगर परिषद का भी कोई ध्यान नहीं है, इसलिए आम लोगों में रोष पनप रहा है।
स्थानीय मंजीत सिंह, अमरदीप सिंह, नीरज कुमार, बलबीर कुमार, आदि ने बताया कि नप ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया है, जिससे शहर की सारी गंदगी बसंतर दरिया में पहुंच रही है। दरिया के पानी में जीव भी मारे जा रहे हैं। यही नहीं, वर्ष 2020 में किसानों की कुछ भैंसें भी दरिया के पानी से मारी गई थीं और कुछ बीमार हो गई थीं। यह बात लोगों ने जिला प्रशासन को भी बताई थी। वहीं, एनजीटी से भी शिकायत की गई थी। इस पर 2020 में ही एनजीटी ने बसंतर दरिया को प्रदूषित करने पर नप पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। पिछले माह दरिया में बड़ी संख्या में मछलियां भी मरी थीं, तब मत्स्य पालन विभाग ने आरोप लगाया था कि कैमिकल कारखानों से निकलने वाले जहरीले पानी से मछलियां मरी हैं।
जबकि, शहर का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में जा रहा है जो सारे पानी को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस ओर नप का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने उपायुक्त से भी गुहार लगाई है कि दरिया को प्रदूषित होने से बचाया जाए। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने बसंतर किनारे नप को 10 कनाल भूमि दी है, और चारदीवारी भी करवाई है। लेकिन, यहां अब तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग पाया है।
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शहर के गंदे पानी को रीसाइकिल करने के लिए बसंतर दरिया पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। इसके लिए 76 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर वर्ष 2020 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजी गई थी। इसका आज तक कोई जवाब ही नहीं मिला है।
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- पवन कोहली, अध्यक्ष, नगर परिषद सांबा
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सांबा। कस्बे की गंदगी बसंतर दरिया को प्रदूषित कर रही है। इस ओर नगर परिषद का भी कोई ध्यान नहीं है, इसलिए आम लोगों में रोष पनप रहा है।
स्थानीय मंजीत सिंह, अमरदीप सिंह, नीरज कुमार, बलबीर कुमार, आदि ने बताया कि नप ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया है, जिससे शहर की सारी गंदगी बसंतर दरिया में पहुंच रही है। दरिया के पानी में जीव भी मारे जा रहे हैं। यही नहीं, वर्ष 2020 में किसानों की कुछ भैंसें भी दरिया के पानी से मारी गई थीं और कुछ बीमार हो गई थीं। यह बात लोगों ने जिला प्रशासन को भी बताई थी। वहीं, एनजीटी से भी शिकायत की गई थी। इस पर 2020 में ही एनजीटी ने बसंतर दरिया को प्रदूषित करने पर नप पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। पिछले माह दरिया में बड़ी संख्या में मछलियां भी मरी थीं, तब मत्स्य पालन विभाग ने आरोप लगाया था कि कैमिकल कारखानों से निकलने वाले जहरीले पानी से मछलियां मरी हैं।
जबकि, शहर का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में जा रहा है जो सारे पानी को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस ओर नप का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने उपायुक्त से भी गुहार लगाई है कि दरिया को प्रदूषित होने से बचाया जाए। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने बसंतर किनारे नप को 10 कनाल भूमि दी है, और चारदीवारी भी करवाई है। लेकिन, यहां अब तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग पाया है।
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शहर के गंदे पानी को रीसाइकिल करने के लिए बसंतर दरिया पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। इसके लिए 76 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर वर्ष 2020 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजी गई थी। इसका आज तक कोई जवाब ही नहीं मिला है।
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- पवन कोहली, अध्यक्ष, नगर परिषद सांबा