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सियासी दलों को चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 28 Sep 2014 10:51 PM IST
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रियासत में बाढ़ से तबाही के बाद विधानसभा चुनाव को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सियासी दल भी हालात को देखते हुए फिलहाल इस विषय पर ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। राजनीतिक दलों की नजरें अक्तूबर महीने में रियासत में होने वाली चुनाव आयोग की टीम के उच्च स्तरीय दौरे पर टिकी हुई हैं।
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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजनीतिक दलों के नेताओं की फिलहाल नजर अक्तूबर महीने में रियासत खासतौर से कश्मीर संभाग में होने वाले चुनाव आयोग की टीम के दौरे पर टिकी हुई है। इस दौरे के बाद रियासत में विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।
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रियासत में बनी स्थिति को देखते हुए राजनीतिक दल फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम उठाने से परहेज कर रहे हैं। यहां तक कि चुनाव प्रचार को भी मंद गति से ही चलाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि चुनाव को लेकर फैसला आयोग को लेना है और जब भी फैसला होगा, पार्टी इसके लिए तैयार है।
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जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो पार्टी की पहली प्राथमिकता मौजूदा समय में राहत और पुनर्वास के काम में तेजी लाना है। पार्टी राहत और पुनर्वास कार्य में जुटी हुई है। इसी तरह पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि मौजूदा समय में पार्टी की चिंता बाढ़ पीड़ित लोगों के राहत और पुनर्वास की है। इस काम में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। पार्टी इस समय सियासत से ज्यादा बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए काम करना चाहती है।