जम्मू-कश्मीर: सरकार बनाने की जल्दी नहीं
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव नतीजों में किसी भी दल को बहुमत न मिलने पर नई सरकार के गठन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बावजूद सियासी दल सरकार बनाने की जल्दबाजी में फिलहाल नहीं हैं।
रियासत में नई सरकार बनाने के लिए 18 जनवरी तक का समय है। इसलिए कोई भी राजनीतिक दल जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहता। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 19 जनवरी 2015 तक है।
इसलिए 18 जनवरी 2015 तक संविधान के अनुसार जम्मू-कश्मीर में नई सरकार का गठन जरूरी है। नई सरकार के गठन के लिए अभी काफी समय शेष होने के चलते कोई भी पार्टी आराम से पूरी रणनीति के साथ गठबंधन पर फैसला ले सकती है।
सरकार बनने में अभी बहुत समय शेष
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा या फिर पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती दोनों साफ कर चुके हैं कि नई सरकार के गठन या फिर गठबंधन को लेकर जल्दबाजी नहीं होगी।
पार्टी सोच-विचार कर इस दिशा में कदम उठाएगी। नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी कह चुके हैं कि उनके पास अभी किसी दल का फोन नहीं आया है।
लिहाजा जब आएगा तो बात कर लूंगा। कांग्रेस भी जल्दबाजी के मूड में नहीं है। सरकार बनाने के लिए काफी समय शेष रहने के चलते पार्टियां पूरी रणनीति और लाभ और नुकसान का आकलन करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहती हैं।