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जम्मू कश्मीर: नाम बदलने से नहीं बदलेगा इतिहास, जब बच्चे पूछेंगे ताजमहल किसने बनवाया तो फिर क्या कहेंगे- फारुख
Tue, 22 Aug 2023 03:08 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Aug 2023 03:08 PM IST
सार
नेकां अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार जवाहर लाल नेहरू और शेख अब्दुल्ला के नाम पर रखे गए संस्थानों के नाम तो बदल रही है लेकिन क्या इतिहास से इनको मिटा सकती है।
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्र सरकार जवाहर लाल नेहरू और शेख अब्दुल्ला के नाम पर रखे गए संस्थानों के नाम तो बदल रही है लेकिन क्या इतिहास से इनको मिटा सकती है। उन्होंने पाठ्यपुस्तकों से मुगल शासन पर अध्याय तो हटा दिए लेकिन वह इतिहास से मुगलों को कैसे मिटाएंगे? जब मेरे और आपके बच्चे ताज महल देखेंगे तो पूछेंगे कि इसे किसने बनवाया तो क्या कहेंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एक प्रैस कान्फ्रेंस में एनसी संस्थापक और उनके पिता शेख अब्दुल्ला के नाम पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का नाम बदलने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह सब कहा।
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श्रीनगर से लोकसभा सांसद ने कहा कि शेख मोहम्मद अब्दुल्ला लोगों के दिलों में रहते हैं। वे उन्हें वहां से नहीं हटा सकते। बता दें कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर से शेख अब्दुल्ला का लोकप्रिय नाम शेर हटा दिया है।
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दिल्ली में 14 अगस्त से आधिकारिक तौर पर नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी कर दिया गया है। चीन द्वारा लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्जा करने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह जानते हैं कि चीनी हमारी जमीन पर बैठे हैं। मुझे भी पता है कि वे हमारी जमीन पर बैठे हैं। अब तक 19 दौर की बातचीत हो चुकी है, वे कब वापस जाएंगे, मुझे नहीं पता।
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