पुलिस का दावा, कम हुईं आतंकी वारदातें
पुलिस ने दावा किया है इस साल सबसे कम आतंकी घटनाएं हुई हैं। पुलिस की सक्रियता से आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है। पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2014 में आतंकी वारदातों में जवानों को सबसे कम नुकसान हुआ है।
जीरो टालरेंस का पूरी तरह से पालन किया गया है। डीजीपी के राजेंद्रा ने कहा है जम्मू कश्मीर में जवानों के व्यवहार में सुधार लाने और उनकी समझदारी बढ़ाने के लिए बेहतर काम हुआ है।
सुरक्षाबलों के साथ बेहतर तालमेल के कारण ही आतंकवाद पर काबू पाया जा सका है। नेशनल पुलिस अकादमी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम, एवीडेंस कानून आदि का पालन किया जा रहा है।
जनता में भी बढ़ा है विश्वास
रिपोर्ट में डीजीपी ने कहा है कि पुलिस की सामाजिक भूमिका के चलते जनता का उसके प्रति विश्वास बढ़ा है। सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए जवानों को तैयार किया गया है।
फोरेंसिक लैब की तकनीक को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आम जनता की बेहतरी के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। दूरदराज क्षेत्रों में सिविक एक्शन प्रोग्राम को लागू करने के बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस के जवान पूरी तरह से मानव अधिकारों का पालन कर रहे हैं और कानून के दायरे में रहकर आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम देते हैं।
डीजीपी ने माना है कि चुनाव के दौरान आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। अरनिया और कश्मीर में दो बड़ी घटनाएं हुई हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह साल लगभग शांत रहा।