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जानिए, क्यों वोट नहीं डालेंगे पीओके रिफ्यूजी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 17 Nov 2014 04:31 PM IST
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एसओएस इंटरनेशनल-पीओके रिफ्यूजी संगठन की ओर से रविवार को मास्टर देवी चंद पार्क, रिहाड़ी में रिफ्यूजी महापंचायत का आयोजन किया गया, जहां रिफ्यूजी संगठन ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महारोष रैली कर केंद्र में स्थित मोदी सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। एसओएस इंटरनेशनल चेयरमैन राजीव चुन्नी ने महारोष रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीयत में खोट है।
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वह रिफ्यूजियों के लिए राहत पैकेज को स्वीकार करने के बजाय उसे ठुकरा रही है। एक हफ्ते में उसे भूल सुधार करना चाहिए। जो सरकार रिलीफ पैकेज दिलाएगी, रिफ्यूजी उसके साथ रहेंगे। भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए चुन्नी ने कहा कि सरकार पीओके रिफ्यूजियों को रिलीफ नहीं देना चाहती। पीओके लोगों का पुनर्वास अब तक नहीं हो सका है। वहीं वेस्ट पाकि स्तानी के नाम पर पीओके विस्थापितों को रिलीफ पैकेज नहीं दिया जा रहा है।
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1947, 1965, 1971 के पीओके विस्थापितों के पुनर्वास प्रस्ताव पर राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को रिलीफ पैकेज के लिए भेजा गया है। केंद्र सरकार कह रही है कि पश्चिमी पाकि स्तान रिफ्यूजियों के लिए भी रिलीफ पैकेजराज्य सरकार द्वारा भिजवाई जाए। ऐसे में चुन्नी का कहना है कि पीओके के रिफ्यूजी जबकि जम्मू कश्मीर स्टेट सब्जेक्ट के हैं और पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजी नान सब्जेक्ट हैं।
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लिहाजा राज्य सरकार से लंबे अरसे से संघर्ष के बाद रिलीफ पैकेज तैयार करवाया गया तथा केंद्र को भिजवाया गया। अब केंद्र सरकार को संगठन द्वारा सात दिनों का वक्त दिया जा रहा है। इसका समाधान निकला जाए। अगर समस्या हल नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव का वह बहिष्कार करेंगे और अपना उम्मीदवार खड़े करने को मजबूर हो जाएंगे।