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बिजली-पानी की उपलब्धता दिलाएगी स्मार्ट सिटी के लिए अंक
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 06 Jun 2016 10:23 AM IST
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में 2019-20 तक 100 शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है।
- फोटो : Demo Pic.
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केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित स्मार्ट सिटी मिशन में जम्मू को शामिल करवाने के लिए बिजली और पेयजल की स्थिति में सुधार लाना ही होगा। स्मार्ट सिटी मिशन में किसी शहर को शामिल होने के लिए अन्य बिंदुओं के साथ बिजली और पेयजल की वर्तमान स्थिति पर भी अंक मिलते हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में जम्मू शहर में बिजली और पेयजल की मांग और उपलब्धता में अंतर लगातार बढ़ने से संकट जैसे हालात हैं। इसके अलावा कमजोर बिजली ढांचा, बिजली की बर्बादी और बिजली चोरी पर नकेल भी नहीं लग पा रही है।
आठ से लेकर 14 घंटे तक बिजली कटौती दिन में हो रही है। वहीं पेयजल की मांग और उपलब्धता में अंतर तीन मिलियन गैलन डेली (एमजीडी) तक पहुंच चुका है। तवी नदी फिलहाल जम्मू शहर की प्यास बुझाने का मुख्य स्रोत है। मांग बढ़ने से तवी नदी का स्रोत अब कम पड़ने लगा है। जम्मू शहर में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए चिनाब पेयजल परियोजना को शुरू किए जाने की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक परियोजना के लिए फंड तक जुटा नहीं पाई है।
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स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल शहरों में सुचारु बिजली व पेयजल आपूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, सेहत व सुरक्षा का बेहतर इंतजाम और नगर निगम की ओर से बिल्डिंग प्लान और संपत्ति टैक्स पर काम करना ही होगा।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में जम्मू शहर में बिजली और पेयजल की मांग और उपलब्धता में अंतर लगातार बढ़ने से संकट जैसे हालात हैं। इसके अलावा कमजोर बिजली ढांचा, बिजली की बर्बादी और बिजली चोरी पर नकेल भी नहीं लग पा रही है।
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आठ से लेकर 14 घंटे तक बिजली कटौती दिन में हो रही है। वहीं पेयजल की मांग और उपलब्धता में अंतर तीन मिलियन गैलन डेली (एमजीडी) तक पहुंच चुका है। तवी नदी फिलहाल जम्मू शहर की प्यास बुझाने का मुख्य स्रोत है। मांग बढ़ने से तवी नदी का स्रोत अब कम पड़ने लगा है। जम्मू शहर में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए चिनाब पेयजल परियोजना को शुरू किए जाने की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक परियोजना के लिए फंड तक जुटा नहीं पाई है।
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स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल शहरों में सुचारु बिजली व पेयजल आपूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, सेहत व सुरक्षा का बेहतर इंतजाम और नगर निगम की ओर से बिल्डिंग प्लान और संपत्ति टैक्स पर काम करना ही होगा।