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दिहाड़ी मजदूरों को नियमित कर किया जाए
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सांबा। पूर्व मेयर और अखिल भारतीय जाट महासभा के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने उन सभी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है, जो वर्षों से अस्थायी तौर पर सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं।
यहां जारी एक बयान में पूर्व मेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को जम्मू आ रहे हैं। उन्हें शैक्षणिक व्यवस्था, दिहाड़ी मजदूरों, जरूरत पर नियुक्त सभी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित कर दिहाड़ी मजदूरों की समस्या का समाधान करना चाहिए। मनमोहन ने कहा कि कई दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्हें न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक 1000 रुपये मिल रहा है। उन्होंने महंगाई के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि एक हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक पाने वाले ये दिहाड़ी मजदूर अपना घर कैसे चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने पीएचई, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, वन, शिक्षा, समाज कल्याण और कई अन्य सहित सरकारी विभागों में अस्थायी आधार पर सेवा दी है। अब वे सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे दैनिक वेतन भोगियों को तत्काल नियमित किया जाना चाहिए, ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद का अपना जीवन सम्मान के साथ बिता सकें।
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यहां जारी एक बयान में पूर्व मेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को जम्मू आ रहे हैं। उन्हें शैक्षणिक व्यवस्था, दिहाड़ी मजदूरों, जरूरत पर नियुक्त सभी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित कर दिहाड़ी मजदूरों की समस्या का समाधान करना चाहिए। मनमोहन ने कहा कि कई दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्हें न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक 1000 रुपये मिल रहा है। उन्होंने महंगाई के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि एक हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक पाने वाले ये दिहाड़ी मजदूर अपना घर कैसे चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने पीएचई, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, वन, शिक्षा, समाज कल्याण और कई अन्य सहित सरकारी विभागों में अस्थायी आधार पर सेवा दी है। अब वे सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे दैनिक वेतन भोगियों को तत्काल नियमित किया जाना चाहिए, ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद का अपना जीवन सम्मान के साथ बिता सकें।
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