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राजन की कुर्सी जाने पर पार्षदों के
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बिश्नाह। म्यूनिसिपल कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए गए राजन शर्मा को पद का दुरुपयोग करने पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा पद से हटाने का आदेश जारी किया गया। उनको इस पद से शनिवार को हटा दिया गया है। उन्हें अपने पद का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। अब चर्चा यह चल रही है कि राजन शर्मा कोर्ट से स्थगन आदेश ले सकते हैं। दूसरी तरफ कमेटी के नए अध्यक्ष के लिए पार्षदों के साथ भाजपा नेताओं की बैठकें होने लगी हैं।
राजन शर्मा पर वर्ष 2019 में पीडब्ल्यूडी को बताए बिना कार्य कराने और निर्माण सामग्री और मजदूरी का पैसा भी जारी कर दिया गया। जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था। उनके ऊपर लगाए आरोपों पर आवास एवं शहरी विकास के प्रमुख सचिव ने कहा कि इस मामले के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसके सामने राजन शर्मा ने 13 सितंबर 2019 को, 18 सितंबर 2019 को पेश हुए। उन्हें भी रिकॉर्ड में शामिल किया गया। कमेटी की जांच के बाद पता लगा कि राजन शर्मा ने पद का दुरुपयोग किया। वह कमेटी एक्ट का उल्लंघन करते पाए गए और उसी के तहत उन पर कार्रवाई की गई है।
अध्यक्ष के हटाए जाने के बाद नए अध्यक्ष के प्रयास तेज हो गए हैं। हालांकि बिश्नाह में बहुमत भाजपा के पास है। उसके बावजूद भी भाजपा के किस गुट की ज्यादा चलेगी उसके लिए जद्दोजहद बनी हुई है। रविवार को हर गुट ने अपने पसंदीदा पार्षद को लेकर बैठक की। हालांकि शुरुआत में बताया जा रहा है कि भाजपा के चार पार्षद अभी तक रेस में हैं। अब पार्टी अध्यक्ष के लिए किसके नाम पर मुहर लगाती है यह अंतिम फैसला ही हो पाएगा।
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दूसरी ओर सूत्रों का कहना है राजन शर्मा ने कस्बे के कामकाज पर जोर देना शुरू कर दिया था। बिना कागजी कार्यवाही के ही ठेकेदारों को काम कराने के लिए मौखिक रूप से कह दिया गया था और यही अंदाज उनके गले में फांस बन गया। क्योंकि जब ठेकेदारों ने काम का पैसा मांगने के लिए जोर डाला और जब उसका कोई नतीजा नहीं आया तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके चलते राजन कुमार शर्मा अपने पद का दुरुपयोग करने में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि कुछ ठेकेदारों को उन्होंने कमेटी फंड से पैसा भी रिलीज कर दिया, जिसके चलते उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ा है।
सूत्रों से पता चला है कि राजन शर्मा सोमवार को कोर्ट से स्थगन आदेश ले सकते हैं। हालांकि अभी तक इसका कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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सनी शर्मा द्वारा वार्ड-2 में काम कराया गया, लेकिन जब समय पर भुगतान नहीं हुआ तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और भुगतान की अपील की। सनी शर्मा का कहना है कि उन्होंने 373000 का अलग-अलग किस्म के काम कराए, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि राजन शर्मा ने मौखिक आदेश जारी करके काम कराया है, जिसके लिए वह अधिकार नहीं रखते और जब कमेटी द्वारा जारी बिलों की जांच की गई तो वह रिकॉर्ड में थे ही नहीं। सनी शर्मा की तरफ से हर किस्म के बिल दिखाए गए और उनकी तारीख में भी सम्मिलित की गई, लेकिन वैसा कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिल सका, जिसके चलते चेयरमैन पर कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया।
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आधिकारिक तौर पर राजन शर्मा को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इसके लिए जिला चुनाव अधिकारी को नए अध्यक्ष के लिए पत्र भेज दिया गया है। आदेश आने पर नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जो भी उसमें औपचारिकताएं होती हैं उसका शेड्यूल तैयार कर दिया जाएगा।
-अजय संगड़ा, ईओ, म्यूनिसिपल कमेटी, बिश्नाह
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राजन शर्मा पर वर्ष 2019 में पीडब्ल्यूडी को बताए बिना कार्य कराने और निर्माण सामग्री और मजदूरी का पैसा भी जारी कर दिया गया। जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था। उनके ऊपर लगाए आरोपों पर आवास एवं शहरी विकास के प्रमुख सचिव ने कहा कि इस मामले के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसके सामने राजन शर्मा ने 13 सितंबर 2019 को, 18 सितंबर 2019 को पेश हुए। उन्हें भी रिकॉर्ड में शामिल किया गया। कमेटी की जांच के बाद पता लगा कि राजन शर्मा ने पद का दुरुपयोग किया। वह कमेटी एक्ट का उल्लंघन करते पाए गए और उसी के तहत उन पर कार्रवाई की गई है।
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अध्यक्ष के हटाए जाने के बाद नए अध्यक्ष के प्रयास तेज हो गए हैं। हालांकि बिश्नाह में बहुमत भाजपा के पास है। उसके बावजूद भी भाजपा के किस गुट की ज्यादा चलेगी उसके लिए जद्दोजहद बनी हुई है। रविवार को हर गुट ने अपने पसंदीदा पार्षद को लेकर बैठक की। हालांकि शुरुआत में बताया जा रहा है कि भाजपा के चार पार्षद अभी तक रेस में हैं। अब पार्टी अध्यक्ष के लिए किसके नाम पर मुहर लगाती है यह अंतिम फैसला ही हो पाएगा।
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दूसरी ओर सूत्रों का कहना है राजन शर्मा ने कस्बे के कामकाज पर जोर देना शुरू कर दिया था। बिना कागजी कार्यवाही के ही ठेकेदारों को काम कराने के लिए मौखिक रूप से कह दिया गया था और यही अंदाज उनके गले में फांस बन गया। क्योंकि जब ठेकेदारों ने काम का पैसा मांगने के लिए जोर डाला और जब उसका कोई नतीजा नहीं आया तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके चलते राजन कुमार शर्मा अपने पद का दुरुपयोग करने में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि कुछ ठेकेदारों को उन्होंने कमेटी फंड से पैसा भी रिलीज कर दिया, जिसके चलते उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ा है।
सूत्रों से पता चला है कि राजन शर्मा सोमवार को कोर्ट से स्थगन आदेश ले सकते हैं। हालांकि अभी तक इसका कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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सनी शर्मा द्वारा वार्ड-2 में काम कराया गया, लेकिन जब समय पर भुगतान नहीं हुआ तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और भुगतान की अपील की। सनी शर्मा का कहना है कि उन्होंने 373000 का अलग-अलग किस्म के काम कराए, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि राजन शर्मा ने मौखिक आदेश जारी करके काम कराया है, जिसके लिए वह अधिकार नहीं रखते और जब कमेटी द्वारा जारी बिलों की जांच की गई तो वह रिकॉर्ड में थे ही नहीं। सनी शर्मा की तरफ से हर किस्म के बिल दिखाए गए और उनकी तारीख में भी सम्मिलित की गई, लेकिन वैसा कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिल सका, जिसके चलते चेयरमैन पर कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया।
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आधिकारिक तौर पर राजन शर्मा को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इसके लिए जिला चुनाव अधिकारी को नए अध्यक्ष के लिए पत्र भेज दिया गया है। आदेश आने पर नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जो भी उसमें औपचारिकताएं होती हैं उसका शेड्यूल तैयार कर दिया जाएगा।
-अजय संगड़ा, ईओ, म्यूनिसिपल कमेटी, बिश्नाह