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फसल की बुआई का समय, किसानों के पास बीज खाद नहीं
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भारत प्रिय
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ज्यौड़ियां। छंब के किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं से सरकार को अवगत कराने के लिए शनिवार को कांग्रेस नेता भारत प्रिय ने खौड़ ब्लॉक में प्रेसवार्ता में कहा कि किसानों के कई ऐसे मुद्दे हैं जो दशकों से लंबित हैं। जिन पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इस समय फसल की बुआई का समय चल रहा है, लेकिन किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा अनाज मंडियों के खुलने और बंद होने का कोई समय निर्धारित नहीं है। सीमा पर तारबंदी के लिए अधिग्रहीत जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस जमीन पर किसान फसल नहीं उगा सकते हैं। कारगिल युद्ध के समय जिन किसानों की जमीन में माइंस लगाए गए थे, उसका अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया। कई बार टेंडर के बाद भी इंद्रीपतन से परगवाल जाने वाले पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते लोगों को परेशानी होती है। सीमावर्ती इलाकों में कांग्रेस के समय ओपन भर्ती रैली की जाती थी, लेकिन जबसे भाजपा सत्ता में आई है कोई भी ओपन भर्ती रैली नहीं कराई गई। वहीं एग्रीकल्चर पंप के बिजली बिल लाखों रुपये में बन चुके हैं, खराब हालत के कारण किसान बिल अदा नहीं कर पा रहे। सरकार को चाहिए कि इन बिलों को माफ करे।
पांच साल में सीमावर्ती इलाकों में नहरों की सफाई नहीं हो पाई, जिसके चलते किसानों में काफी रोष है। इसके अलावा भारत प्रिय ने सीमावर्ती इलाकों विशेषकर बरदोह गांव में बंकर बनाने का काम दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
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इसके अलावा अनाज मंडियों के खुलने और बंद होने का कोई समय निर्धारित नहीं है। सीमा पर तारबंदी के लिए अधिग्रहीत जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस जमीन पर किसान फसल नहीं उगा सकते हैं। कारगिल युद्ध के समय जिन किसानों की जमीन में माइंस लगाए गए थे, उसका अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया। कई बार टेंडर के बाद भी इंद्रीपतन से परगवाल जाने वाले पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते लोगों को परेशानी होती है। सीमावर्ती इलाकों में कांग्रेस के समय ओपन भर्ती रैली की जाती थी, लेकिन जबसे भाजपा सत्ता में आई है कोई भी ओपन भर्ती रैली नहीं कराई गई। वहीं एग्रीकल्चर पंप के बिजली बिल लाखों रुपये में बन चुके हैं, खराब हालत के कारण किसान बिल अदा नहीं कर पा रहे। सरकार को चाहिए कि इन बिलों को माफ करे।
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पांच साल में सीमावर्ती इलाकों में नहरों की सफाई नहीं हो पाई, जिसके चलते किसानों में काफी रोष है। इसके अलावा भारत प्रिय ने सीमावर्ती इलाकों विशेषकर बरदोह गांव में बंकर बनाने का काम दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
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