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युवा कलाकारों ने बिखेरे संगीत के सुर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 15 Nov 2014 06:35 PM IST
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नमीं डोगरी संस्था की ओर से शनिवार को जम्मू स्थित कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के केएल सहगल सभागार में इक शाम संजय विद्रोही के नाम संगीत संध्या के आयोजित कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने समां बांधा।
युवा कलाकारों ने संगीत के ऐसे सुर बिखेरे कि हर कोई वाहवाही करने लगा। कलाकारों में डुग्गर वंदना नामक सहगान प्रस्तुत कर सबको अपनी संगीत कला का परिचय दिया। राकेश दयोल की गायकी सभी ने पसंद की।
वहीं, ‘इक अधूरा सुखन लेइए, किन्न चिर में रूह भकटता’ के बोल वाले गीत पर जब गायक राकेश ने अपनी मधुर तान छेड़ी तो श्रोताओं ने तालियों की गूंज से से स्वागत किया। डुग्गर वंदना में शामिल स्वतंत्र, अजय, रोहित, राकेश, सुमित, मीनाक्षी, सोनिया, वंदना, शबनम, करुणा, पल्लवी, प्रिया युवा कलाकारों ने सहगान प्रस्तुत किया, जिसमें डुग्गर संस्कृति की सुनहरी झलक श्रोताओं ने महसूस की।
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इस संगीत संध्या में जेएंडके के पूर्व एडवोकेट जनरल डीसी रैना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एसबीआई जम्मू के एजीएम एसके कपूर खास तौर से आमंत्रित थे, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस आनंद लहर ने इस संगीत संध्या की अध्यक्षता की। इस दौरान नमीं डोगरी संस्था के प्रधान हरीश कैला उपस्थित रहे।
पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ संगीत संध्या का शुभारंभ हुआ। सुमित भारद्वाज, जुलेखा फरीद, अजय भगत, गुरजीत सिंह ने भी अपने गीत पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस मौके पर राजेश कुमार और जोगिंदर पाल तबला पर, संजय पाशी गिटार पर, सतीश ललोतरा ढोलक पर और सींथ वाद्य यंत्र पर जानी ने संगति प्रदान कर गायक कलाकारों के साथ अपनी पहचान प्रस्तुत की।
डुग्गर कला और संस्कृति की इस प्रस्तुति में संगीत संध्या के कलाकारों को अतिथियों ने भी सराहा। अदबी कुंज के प्रधान शाम तालिब, अरनेश ओम दलमोत्रा, डा. चंचल शर्मा, केएल मस्त, रवि राजदान आदि मौजूद रहे।
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युवा कलाकारों ने संगीत के ऐसे सुर बिखेरे कि हर कोई वाहवाही करने लगा। कलाकारों में डुग्गर वंदना नामक सहगान प्रस्तुत कर सबको अपनी संगीत कला का परिचय दिया। राकेश दयोल की गायकी सभी ने पसंद की।
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वहीं, ‘इक अधूरा सुखन लेइए, किन्न चिर में रूह भकटता’ के बोल वाले गीत पर जब गायक राकेश ने अपनी मधुर तान छेड़ी तो श्रोताओं ने तालियों की गूंज से से स्वागत किया। डुग्गर वंदना में शामिल स्वतंत्र, अजय, रोहित, राकेश, सुमित, मीनाक्षी, सोनिया, वंदना, शबनम, करुणा, पल्लवी, प्रिया युवा कलाकारों ने सहगान प्रस्तुत किया, जिसमें डुग्गर संस्कृति की सुनहरी झलक श्रोताओं ने महसूस की।
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इस संगीत संध्या में जेएंडके के पूर्व एडवोकेट जनरल डीसी रैना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एसबीआई जम्मू के एजीएम एसके कपूर खास तौर से आमंत्रित थे, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस आनंद लहर ने इस संगीत संध्या की अध्यक्षता की। इस दौरान नमीं डोगरी संस्था के प्रधान हरीश कैला उपस्थित रहे।
पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ संगीत संध्या का शुभारंभ हुआ। सुमित भारद्वाज, जुलेखा फरीद, अजय भगत, गुरजीत सिंह ने भी अपने गीत पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस मौके पर राजेश कुमार और जोगिंदर पाल तबला पर, संजय पाशी गिटार पर, सतीश ललोतरा ढोलक पर और सींथ वाद्य यंत्र पर जानी ने संगति प्रदान कर गायक कलाकारों के साथ अपनी पहचान प्रस्तुत की।
डुग्गर कला और संस्कृति की इस प्रस्तुति में संगीत संध्या के कलाकारों को अतिथियों ने भी सराहा। अदबी कुंज के प्रधान शाम तालिब, अरनेश ओम दलमोत्रा, डा. चंचल शर्मा, केएल मस्त, रवि राजदान आदि मौजूद रहे।