फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   poems of Kashmiri Sufi saint Translate into Bengali language by prof. Shamik Ghosh

भारत-पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान से दूरियां हो सकती हैं कम: प्रोफेसर शामिक घोष

Sat, 27 Oct 2018 02:51 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sat, 27 Oct 2018 02:51 AM IST
विज्ञापन
poems of Kashmiri Sufi saint Translate into Bengali language by prof. Shamik Ghosh
प्रोफेसर शामिक घोष - फोटो : अमर उजाला

कश्मीरी सूफी संत लल्लेश्वरी या लल्ल-दय्द की कविताओं का पहली बार बांग्ला में अनुवाद हुआ। पश्चिम बंगाल के प्रोफेसर शामिक घोष ने लल्लेश्वरी की कविताओं पर आधारित 40 बांग्ला गाने लिखे हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति ही एक मात्र ऐसी चीज है जिससे आपस में प्यार बांटा जा सकता है। अगर भारत-पाकिस्तान के बीच भी ऐसे प्रयास किए जाएं तो यह दूरियां कम हो सकती है।

विज्ञापन


श्रीनगर में लल्लेश्वरी की कविताओं पर आधारित सीडी के विमोचन के दौरान कहा कि उन्होंने पहली बार लल्लेश्वरी की कविता अपनी बेटी की 9वीं कक्षा की एनसीईआरटी की हिंदी किताब में पढ़ी। इससे वह प्रभावित हुए और नवंबर 2016 से इस कार्य में जुट गए। ऐसे आगे बढ़े कि फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस प्रयास से पश्चिम बंगाल और कश्मीर में सांस्कृतिक आदान-प्रदान की शुरुआत होगी।
विज्ञापन


प्रोफेसर शामिक घोष ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि कला और संस्कृति के जरिये हम आपस में प्यार बांट सकते हैं। ऐसा करने से दूरियां भी कम हो सकती है। लल्लेश्वरी ने भी अपनी कविताओं में कहा है कि हिन्दू-मुस्लिम सब भाई-भाई हैं। राजनीतिक समाधान कुछ समय के लिए शांति ला सकता है, लेकिन अगर हम संस्कृति और कला को आपस में बांटेंगे तो उससे प्यार ज्यादा बढ़ता है क्योंकि हम एक दूसरे को सही से समझ पाते हैं। आज के दौर में उन सूफी संतों की कही गई बातें काफी महत्वपूर्ण हैं, चाहे वह बांग्ला के ललोन हो या फिर कश्मीर की लल्लेश्वरी, दोनों प्यार बांटने की बात करते हैं। केवल अगर 30-40 प्रतीशत लोग इन सूफी संतों की दी गई शिक्षा को अपनाएंगे तो यह दुनिया बादल जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

'हर बंटवारा मिट जाएगा अगर प्यार बांटा जाए'

poems of Kashmiri Sufi saint Translate into Bengali language by prof. Shamik Ghosh

घोष ने भारत-पाकिस्तान पर पूछे एक सवाल के जवाब में कहा- हर बंटवारा मिट जाएगा अगर प्यार बांटा जाए। मैं तो चाहूंगा कि यह ग्रेटर इंडिया दुबारा से बन जाए, बांग्लादेश हम से जुड़ जाए, पाकिस्तान भी हमारे साथ जुड़ जाए। पूरा भारत और विश्व एक साथ हो जाए। यह संस्कृति ही इन सभी को जोड़ सकता है। पॉलिटिकल डिस्कशन इन चीजों को नहीं जोड़ सकेगा। उनकी पत्नी मानुषी दास ने बताया कि उनके पति प्रोफेसर शामिक घोष गणित के प्रोफेसर हैं और इस काम का कोई अनुभव नहीं था। वह बतौर एक कलाकार यह समझ पाई कि वह इस कार्य को बिना सहायता पूरा नहीं कर पाएंगे। इसलिए मैंने भी इस कार्य में उनका पूरा सहयोग देने की ठान ली और हमने कर दिखाया।
 
कश्मीर के प्रसिद्ध सूफी शायर अहद जरगर के पुत्र मुश्ताक अहमद जरगर ने प्रोफेसर घोष के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि, जो कुछ इन्होंने किया है आज तक कोई कश्मीरी नहीं कर पाया है। कल्चरल अकादमी और कश्मीर विश्वविद्यालय के लिटरेचर विभाग जिसे सूफिस्म को बढ़ावा देने का बीड़ा सौंपा गया था वह भी यह सब नहीं कर पाया। कश्मीर के सूफी संतों की कविताओं का अगर अनुवाद हो तो लोग समझ पाएंगे और फिर यह दुनिया में एक अहम स्थान हासिल कर पाएगी। 

कौन थीं लल्लेश्वरी
लल्लेश्वरी या लल्ल-दय्द के नाम से जाने जानेवाली चौदहवीं सदी की एक भक्त कवियित्री थी जो कश्मीर की शैव भक्ति परंपरा और कश्मीरी भाषा की एक अनमोल कड़ी थीं। लल्ला का जन्म श्रीनगर से दक्षिण पूर्व में स्थित एक छोटे से गांव पांदरेठन में हुआ था। वैवाहिक जीवन सुखमय न होने की वजह से लल्ला ने घर त्याग दिया था और 26 साल की उम्र में गुरु सिद्ध श्रीकंठ से दीक्षा ली। कश्मीरी संस्कृति और कश्मीर के लोगों के धार्मिक और सामाजिक विश्वासों के निर्माण में लल्लेश्वरी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed