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पेंशन बनी टेंशनः कांपते हाथ... लड़खड़ाती जुबान, भीषण गर्मी और ट्रेजरी के चक्कर; ये सफर दे रहा बड़ी तकलीफ
Wed, 31 Jul 2024 01:56 PM IST
शाहरुख खान
अमित कुमार, अमर उजाला, जम्मू
अमित कुमार, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 31 Jul 2024 01:56 PM IST
सार
ट्रेजरी में नाम चढ़ाने के लिए बुजुर्ग चक्कर काट रहे हैं। भौतिक सत्यापन के लिए कार्यालयों में पेंशनभोगियों के पसीने छूट रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से बाहर शिफ्ट होने वाले पेंशनभोगियों को अधिक दिक्कतें हो रही हैं। बैंकों के शेड्यूल के मुताबिक बुलाया जा रहा है।
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pension became tension
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कई बीमारियों से पीड़ित, चेहरे पर झुर्रियां, कांपते हाथ, लड़खड़ाती जुबान और भीषण गर्मी में शरीर से टपकता पसीना... प्रदेश के ट्रेजरी (राजकोष) व सब ट्रेजरी कार्यालयों में भौतिक व दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पहुंच रहे बुजुर्ग पेंशनभोगियों की कुछ ऐसी ही हालत है।
कार्यालयों में ये लोग सुबह से घंटों तक बैठकर इंतजार कर रहे हैं। देश-विदेशों में शिफ्ट हो चुके बुजुर्ग पेंशनरों को भी सत्यापन के लिए संबंधित ट्रेजरी में बुलाया जा रहा है। वित्त विभाग की ओर से जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में संबंधित ट्रेजरी में पेंशनरों के दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया जारी है। ट्रेजरी कार्यालयों में इनको संबंधित बैंकों के शेड्यूल के मुताबिक बुलाया जा रहा है।
बुजुर्ग पेंशनरों के लिए यह व्यवस्था अधिक पसीना निकाल रही है। ट्रेजरी में अधिकांश लोग बैंकों से जरूरी दस्तावेज लेकर सीधे ही पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि बैंक के शेड्यूल के मुताबिक उन्हें किसी अन्य दिन आना है।
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ट्रेजरी प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि इसके लिए अधिसूचना जारी की गई है। लेकिन पेंशनरों का कहना है कि उनके तक ये महत्वपूर्ण सूचनाएं नहीं पहुंच रहीं। पेंशनधारकों का मानना है कि पहले उन्हें जीवन प्रमाणपत्र देना पड़ता था, लेकिन अब सत्यापन के लिए उक्त प्रमाणपत्र के साथ पैन कार्ड, आधार कार्ड, ताजा बैंक ब्यौरा, व्यक्तिगत पेंशन ब्यौरा के दस्तावेज देने पड़ रहे हैं।
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कार्यालयों में ये लोग सुबह से घंटों तक बैठकर इंतजार कर रहे हैं। देश-विदेशों में शिफ्ट हो चुके बुजुर्ग पेंशनरों को भी सत्यापन के लिए संबंधित ट्रेजरी में बुलाया जा रहा है। वित्त विभाग की ओर से जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में संबंधित ट्रेजरी में पेंशनरों के दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया जारी है। ट्रेजरी कार्यालयों में इनको संबंधित बैंकों के शेड्यूल के मुताबिक बुलाया जा रहा है।
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बुजुर्ग पेंशनरों के लिए यह व्यवस्था अधिक पसीना निकाल रही है। ट्रेजरी में अधिकांश लोग बैंकों से जरूरी दस्तावेज लेकर सीधे ही पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि बैंक के शेड्यूल के मुताबिक उन्हें किसी अन्य दिन आना है।
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ट्रेजरी प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि इसके लिए अधिसूचना जारी की गई है। लेकिन पेंशनरों का कहना है कि उनके तक ये महत्वपूर्ण सूचनाएं नहीं पहुंच रहीं। पेंशनधारकों का मानना है कि पहले उन्हें जीवन प्रमाणपत्र देना पड़ता था, लेकिन अब सत्यापन के लिए उक्त प्रमाणपत्र के साथ पैन कार्ड, आधार कार्ड, ताजा बैंक ब्यौरा, व्यक्तिगत पेंशन ब्यौरा के दस्तावेज देने पड़ रहे हैं।
इस व्यवस्था में दावा है कि 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले पेंशनधारक को ट्रेजरी में आने की जरूरत नहीं है, उनके पास खुद ही कर्मी पहुंचेंगे। लेकिन ट्रेजरी में हालात इसके विपरीत हैं। ऐसे पेंशनधारकों का कहना है कि उन्हें ट्रेजरी तक पहुंचने को कहा जा रहा है।
सितंबर तक प्रक्रिया होनी है पूरी
प्रदेश में 2.38 लाख पेंशनधारक और पारिवारिक पेंशन धारक हैं। अधिकतर की पेंशन जम्मू-कश्मीर बैंक से जारी होती है। अभी तक सत्यापन प्रक्रिया में 20 प्रतिशत पेंशनधारकों के ही जीवन प्रमाणपत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन हो पाया है। इसी साल सितंबर तक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना भी बड़ी चुनौती है।
प्रदेश में 2.38 लाख पेंशनधारक और पारिवारिक पेंशन धारक हैं। अधिकतर की पेंशन जम्मू-कश्मीर बैंक से जारी होती है। अभी तक सत्यापन प्रक्रिया में 20 प्रतिशत पेंशनधारकों के ही जीवन प्रमाणपत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन हो पाया है। इसी साल सितंबर तक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना भी बड़ी चुनौती है।
70 मामलों की पहचान, 61 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी होगी
अब तक 70 से अधिक ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 61 लाख रुपये की रिकवरी की जानी है, जिन्हें अधिक पेंशन दे दी गई है। सरकारी डेटा के अनुसार, 80 से 90 साल की आयु के 24400, 90 से 100 वर्ष की आयु के 2500, 100 से अधिक आयु के 126 पेंशनधारक हैं। कुल पेंशनधारकों में से सिर्फ 4162 ही जीवन प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले तीन सप्ताह में 44700 पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों की जांच प्रक्रिया पूरी हुई है।
अब तक 70 से अधिक ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 61 लाख रुपये की रिकवरी की जानी है, जिन्हें अधिक पेंशन दे दी गई है। सरकारी डेटा के अनुसार, 80 से 90 साल की आयु के 24400, 90 से 100 वर्ष की आयु के 2500, 100 से अधिक आयु के 126 पेंशनधारक हैं। कुल पेंशनधारकों में से सिर्फ 4162 ही जीवन प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले तीन सप्ताह में 44700 पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों की जांच प्रक्रिया पूरी हुई है।
बुजुर्ग पेंशनरों को फार्म भरने में आ रही दिक्कत जानकारी के अभाव में अभी नहीं बढ़ी भीड़
प्रदेश के कई जिलों में पेंशन दस्तावेजों की जांच करवाने संबंधी सरकार के आदेश की पेंशनरों को जानकारी नहीं है। इसके चलते अभी तक जिला खजाना दफ्तरों में इक्का-दुक्का बुजुर्ग ही पहुंच रहे हैं। सांबा और उधमपुर में जरूर मंगलवार को बुजुर्ग पेंशनर नजर आए लेकिन कठुआ खजाना दफ्तर में दो बुजुर्ग ही पहुंचे।
प्रदेश के कई जिलों में पेंशन दस्तावेजों की जांच करवाने संबंधी सरकार के आदेश की पेंशनरों को जानकारी नहीं है। इसके चलते अभी तक जिला खजाना दफ्तरों में इक्का-दुक्का बुजुर्ग ही पहुंच रहे हैं। सांबा और उधमपुर में जरूर मंगलवार को बुजुर्ग पेंशनर नजर आए लेकिन कठुआ खजाना दफ्तर में दो बुजुर्ग ही पहुंचे।
सांबा के खजाना कार्यालय पहुंचे गिरधारी लाल ने बताया कि अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं होने से कई लोगों से पूछने के बाद फाइल जमा करवा पाया हूं। उधमपुर में कई बुजुर्ग पेंशनर ऐसे भी थे, जिन्हें फार्म भरने में दिक्कत आई।
बुजुर्ग ही फार्म भरने में एक-दूसरे की मदद करते दिखे। उधमपुर ट्रेजरी कार्यालय ने बुजुर्गों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोस्टर जारी किया है, ताकि बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी न आने पाए।