{"_id":"c4f98826e6a034a97064af2450dcaf1a","slug":"peace-restored-on-border-area-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटरी पर लौटने लगी सरहद की जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटरी पर लौटने लगी सरहद की जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 31 Aug 2014 08:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले पांच दिनों से सीमा पर पाक गोलाबारी थमने से आसपास के ग्रामीणों को राहत मिली है। वे अब घर को भी लौट चुके हैं। हालांकि दिनचर्या में अभी वह रफ्तार नहीं है, जो गोलाबारी शुरू होने से पहले देखने को मिल रही थी। गोलाबारी से सहमे लोग फिलहाल जरूरी काम निपटाने में लगे हैं। धान की फसल की देखभाल भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पाकिस्तान की ओर से आरएस पुरा व अरनियां क्षेत्र में गोलाबारी करने के कारण अधिकांश ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। सीमावर्ती क्षेत्र सुचेतगढ़ के सरपंच स्वर्ण लाल भगत, नंबरदार हवेली राम, कृपाल दास का कहना है कि चार-पांच दिनों से शांति बने रहने के कारण दोनों देशों की सीमा से सटे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
आने वाले दिनों में भी इसी तरह शांति रहती है, तो किसान बेखौफ खेतीबाड़ी कर सकते हैं। गुलाबगढ़ के सरपंच चौधरी अर्जुन सिंह, नंबरदार श्रवण चौधरी, पूरन चंद, देशराज का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से उस पार मजबूत बंकर बनाने के साथ सुरक्षा के कडे़ प्रबंध किए गए हैं। भारतीय क्षेत्र में भी ऐसा होना चाहिए।
विज्ञापन