पीओके से फ्री ट्रेड और बेरोकटोक आवाजाही की शर्त
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पीडीपी और भाजपा के बीच गठबंधन का एजेंडा तय होने में वोट बैंक अक्षुण्ण रखने की सियासत हावी हो गई है। पीडीपी ने अपने कश्मीरी वोट बैंक को समझाने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के लिखित ड्राफ्ट को औपचारिक वार्ता के लिए जरूरी शर्त बना दिया है।
दूसरी ओर, भाजपा भी जम्मू संभाग के अपने हिंदू वोट बैंक को कायम रखने के लिए संभल कर कदम उठाने को बाध्य है। पीडीपी ने पीओके से फ्री ट्रेड और लोगों की बेहिचक आवाजाही को सीएमपी के लिए अनिवार्य शर्त के रूप में पेश किया है। अब तक परमिट हासिल करने के बाद ही कश्मीर से पीओके और पीओके से कश्मीर में लोगों की आवाजाही होती है।
एलओसी से खुले व्यापार में तस्करी को रोकने के लिए पीडीपी ने जीरो लाइन पर बड़े स्कैनर स्थापित करने का भी सुझाव दिया है। कोर इश्यूज पर सख्ती को पीडीपी ने रिसेप्शन डिप्लोमेसी से साधने की कोशिश की है। इसी कोशिश के तहत पीडीपी अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र के रिसेप्शन में दिल्ली में शिरकत की।
पीडीपी की शर्त, पाकिस्तान और हुर्रियत से वार्ता
कश्मीर की अवाम के लिए पीओके में बिना रोक-टोक की यात्रा भावनात्मक मुद्दा है। पीओके से आने वाले उनके रिश्तेदार भी अधिक दिनों तक कश्मीर में ठहरना चाहते हैं, लेकिन, परमिट की तय अवधि इसमें बाधक बनती है। पीडीपी इन बंदिशों को पूर्ण रूप से समाप्त करने के प्रावधान को सीएमपी में शुमार करने पर जोर डाल रही है।
इसके अलावा अमन कायम करने के लिए पाकिस्तान और हुर्रियत से वार्ता भी पीडीपी की अहम शर्तों में शामिल है। अब तक भाजपा के राम माधव और पीडीपी के डॉ. हसीब द्राबू की अनौपचारिक वार्ता में इन मुद्दों पर गतिरोध कायम है।
भाजपा ने हुर्रियत नेताओं की पाकिस्तानी एजेंसियों से संबंध का मुद्दा उठाकर इस पर सहमति में दिक्कत बताई। वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को नागरिकता पर भी पेंच फंसा है। भाजपा अपने वोट बैक के लिए इस पर झुकना नहीं चाहती और पीडीपी इसके लिए कतई तैयार नहीं है।
भारी भरकम पैकेज भी चाहती है पीडीपी
पीडीपी सिंधु जल संधि से हुए नुकसान के एवज में कश्मीर के लिए 24 हजार करोड़ का पैकेज भी चाहती है। पीडीपी ने अफस्पा की एक साल के अंदर वापसी के अलावा सेना से 67 हजार कनाल जमीन मुक्त कराने की शर्त भी रखी है। उमर अब्दुल्ला की सरकार के सर्वे के अनुसार कश्मीर में सेना और सुरक्षा बलों के पास 67 हजार कनाल जमीन अवैध रूप से है।
पीडीपी इस मुद्दे को भी सीएमपी में शामिल कराना चाहती है। पीडीपी ने रियासत के लिए कोल ब्लाक आवंटन की भी शर्त रखी है। पीडीपी की मंशा है कि कोल आवंटन वाले प्रदेश में ही थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाकर ग्रिड से बिजली कश्मीर लाई जाए। इसके अलावा श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाने, डल लेक को वर्ल्ड हेरीटेज का दर्जा भी पीडीपी की शर्तों में शुमार है।