महबूबा के रुख ने बढ़ाई भाजपा की उलझन
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श्रीनगर में रविवार को महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में पार्टी के सभी बड़े नेताओं की एक मीटिंग हुई। इस बैठक में सरकार गठन को लेकर कोई भी चर्चा नहीं हुई है।
पीडीपी के सीनियर लीडर नईम अख्तर ने बैठक के बाद प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि, यह बैठक पार्टी को मजबूत करने और विश्लेषण के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में सरकार बनाने को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं की गई।
नईम अख्तर ने कहा कि, सरकार बनाने के सभी अधिकार महबूबा मुफ्ती के पास हैं। वह जो भी फैसला लेगी वह पार्टी के सभी नेताओं को मान्य होगा। पीडीपी की यह बैठक लगभग 11.30 बजे शुरु हुई थी।
एजेंडा आफ अलायंस अब भी पवित्र दस्तावेज है
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के लगभग तीन हफ्तों बाद पीडीपी के अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती अभी तक यह तय नहीं कर पाई हैं कि भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखा जाए या नहीं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. निर्मल सिंह ने शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शनिवार को कहा था कि भाजपा के लिए पीडीपी के साथ चली दस महीने तक सरकार का एजेंडा आफ अलायंस अब भी पवित्र दस्तावेज है। पीडीपी अगर इसे पवित्र दस्तावेज मानती है तो भाजपा के लिए भी यह पवित्र है।
वहीं सरकार को गठन के लेकर पीडीपी की चार शर्तों की भी खबर आ रही थी जिसे पीडीपी को ओर से खारिज कर दिया गया।