पीडीपी पर उमर का ताजा वार, पढ़ें क्या बोले मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था संबंधी स्थिति में पहले से अधिक बेहतरी आई है। जारी वर्ष में दस लाख से अधिक पर्यटकों का कश्मीर आना इसका प्रमाण है।
2013 में यह तादाद सात लाख के करीब थी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े पांच साल के अथम प्रयासों की वजह से ही यह संभव हुआ है।
कश्मीर में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को भी इससे खासा फायदा हुआ है। राज्य में आर्थिक विकास भी हुआ है। उनका लक्ष्य नया जम्मू-कश्मीर है। इस लक्ष्य को हासिल करने तक वह अपने प्रयास जारी रखेंगे।
'पीडीपी ही पंचायत राज विरोधी'
जम्मू-कश्मीर में चुनावी गर्मागर्मी तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, पीडीपी के नेता आजकल भ्रष्टाचार विरोधी उपदेश दे रहे हैं, हकीकत यह है कि पीडीपी ने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं।
200 नए पंचायत घर अवाम को समर्पित करने के मौके पर उमर ने कहा, असल में पीडीपी ही पंचायत राज विरोधी है।
जब पीडीपी सत्ता में थी तो तब सदन में पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व ही इनको भंग किए जाने संबंधी विधेयक पारित किया गया था, लेकिन उस समय बतौर विपक्षी दल नेकां ने तत्कालीन राज्यपाल एसके सिन्हा से मुलाकात कर इसका विरोध किया।
नतीजतन पूर्व राज्यपाल सिन्हा ने वह विधेयक सरकार को वापस भेज दिया था।
जल्द जम्मू को भी मिलेंगे 200 पंचायत घर
उमर ने गांदरबल जिले के कंगन इलाके में उमर ने आनलाइन 200 पंचायत घरों का उद्घाटन किया। इन पंचायत घरों के निर्माण पर चालीस करोड़ रुपये की लागत आई है।
इस मौके पर उमर ने पंचायतों के विकास के लिए 70 करोड़ रुपये का फंड जारी करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पंचायती निजाम बेहतर हथियार साबित हुआ है।
जल्द ही जम्मू संभाग में 200 नए पंचायत घर अवाम को समर्पित किए जाएंगे।
'भ्रष्टाचार रोकने का सबसे कारगर तरीका'
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में एहतिसाब आयोग का पुनर्गठन और विजिलेंस कमीशन का गठन किया था। लेकिन वह इस नतीजे पर पहुंचे है कि पंचायती निजाम भ्रष्टाचार को कुचलने का बेहतर हथियार है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनसभा में कहा कि मौजूदा साझा सरकार ने हमेशा पंचायती राज को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया, लेकिन पीडीपी सरीखे विपक्षी दलों ने हमेशा अवाम को पंचायती निजाम को कमजोर बनाने के नाम पर गुमराह किया।
उमर ने कहा कि उनकी सरकार ने ब्लाक विकास परिषदों के चुनाव के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी थी, लेकिन बदकिस्मती से कईं अड़चनों की वजह से यह संभव नहीं हुआ।