फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   parties engaged in a bid to start talks with Pak

घाटी के दलों में लगी पाक से बातचीत शुरू कराने की होड़

Fri, 29 Aug 2014 01:59 PM IST
Updated Fri, 29 Aug 2014 01:59 PM IST
विज्ञापन
parties engaged in a bid to start talks with Pak

सीमा पर गोलाबारी के बीच जहां हजारों लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं, अपने देश में ही लोग शरणार्थी बन कर रह गए हैं वहीं राजनीतिक दलों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर भी रोटियां सेंकनी शुरू कर दी है।

विज्ञापन


आलम ये है कि भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ रद की गई सचिव स्तर की वार्ता को शुरू कराने के लिए घाटी के क्षेत्रीय दलों में होड़ लग गई है। इसी होड़ का परिणाम रहा कि एक दिन पूर्व जम्मू कश्मीर में इस आशय का प्रस्ताव भी आम सहमति से पास हो गया। जिसमें भारत सरकार से पाकिस्तान से बातचीत दोबारा शुरू करने की मांग की गई है।
विज्ञापन


अब हर कोई पाक से बातचीत बंद करने के लिए केन्द्र सरकार को कोसने में लगा है। वो बात अलग है कि देश की जनता या अन्य राजनीतिक दल बिना फायरिंग रोके पाक से बातचीत करने के पक्ष में नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फायरिंग से विस्‍थापित भी बातचीत के पक्ष में नहीं

parties engaged in a bid to start talks with Pak

माना जाता है कि जम्‍मू ‌कश्मीर की आम जनता भी बिना बार्डर पर फायरिंग रोके और मामले में कोई कार्रवाई हुए पाक से रद हुई बातचीत दोबारा शुरू करने के पक्ष में नहीं है।

बल्कि लोग खुलकर पाक पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी करने लगे हैं। यहां तक की फायरिंग के चलते बार्डर से विस्‍थापित हुए लोग भी पाक से किसी तरह की बातचीत नहीं चाहते। इनका साफ कहना है कि जब पाक सीमा पर लगातार गोले पर गोले बरसा रहा है तो उससे क्या बात की जाए।

अब लोग यह भी कहने लगे हैं कि पाक बातचीत की भाषा समझता ही नहीं है। बावजूद इसके नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी जैसे घाटी के दल इससे अलग रवैया अख्तियार किए हुए हैं।

नेशनल कान्फ्रेंस और पीडीपी में लगी होड़

parties engaged in a bid to start talks with Pak

इसके लिए बकायदा विधानसभा और विधानपरिषद में प्रस्ताव भी लाया गया। जिसमें केन्द्र सरकार से दोबारा पाक से बातचीत शुरू करने की मांग की गई।

इस मुद्दे को लेकर सत्तारुढ नेशनल कान्फ्रेंस और मुख्य विपक्षी दल पीडीपी में होड़ का आलम ये रहा कि जब नेशनल कान्फ्रेंस के एमएलसी देवेन्द्र राणा ने इस प्रस्ताव को विधानपरिषद में रखा तो विपक्षी पीडीपी ने इसका जोरदार विरोध किया, वो इसलिए नहीं कि वह इसके पक्ष में नहीं थी।

बल्कि पीडीपी की आपत्ति इस बात पर थी कि अकेले नेशनल कान्फ्रेंस इसका श्रेय लेने की फिराक में है, ‌इसलिए पीडीपी की तरफ से प्रस्ताव दिया गया कि यह प्रस्ताव सदन की तरफ से रखा जाए। बदकिस्मती से इसे मान भी लिया गया और पास भी कर दिया गया।

विरोध को दरकिनार कर पाक से बातचीत का प्रस्ताव पास

parties engaged in a bid to start talks with Pak

लेकिन सवाल यह है कि कि जब पूरा देश पाक से बातचीत के विरोध में है तब इन क्षेत्रीय दलों में पाक से बातचीत शुरू करने की होड़ क्यों हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो इस प्रस्ताव के पीछे दोनों दलों की मंशा स्‍थानीय वोटबैंक की राजनीति है।

खासकर कश्मीर क्षेत्र के लोगों को लुभाने के लिए दोनों दल इस तरह का पासा फेंक रहे हैं। पीडीपी की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती तो खुलकर इसके लिए केन्द्र सरकार को कोसती हैं और जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की मांग करती हैं।

बकौल महबूबा केन्द्र सरकार के बातचीत रद करने की वजह से ही कश्मीर समस्या का हल नहीं निकल रहा है। हैरत की बात यह है ‌कि पीडीपी और एनसी की इस मंशा का जहां भारतीय जनता पार्टी और पैंथर्स पार्टी जैसे दल खुलकर विरोध कर रहे हैं वहीं कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे है।

पिछले 25 सालों से बातचीत का क्या हल निकला

parties engaged in a bid to start talks with Pak

कमाल की बात यह है कि इस प्रस्ताव को पास करते समय इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि विदेश और रक्षा नीति जैसे महत्वपूर्ण मामलों में राज्य सरकार को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। न ही राज्य सरकार केन्द्र को इस मामले में कोई सलाह दे सकती है।

रक्षा और विदेश मामलों के प्रमुख जानकार मारुफ रजा भी प्रदेश सरकार की इस मंशा पर सवाल खड़ा करते हैं। उनके अनुसार न पाक के हालात ऐसे हैं कि उससे बातचीत की जाए न उसकी मंशा ऐसी है कि बातचीत करके कोई हल निकाला जा सके। वहीं वह एक बड़ा सवाल भी खड़ा करते हैं कि पिछले 25 सालों से पाकिस्तान से बातचीत ही तो की जा रही है हल क्या निकला?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed