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कश्मीर को बाढ़ से बचाने को हो रहा ये काम

Fri, 05 Jun 2015 12:51 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/ अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली/ अमर उजाला, श्रीनगर Updated Fri, 05 Jun 2015 12:51 PM IST
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parliamentary standing committee visits srinagar

जल संसाधन पर आधारित पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का चार दिवसीय घाटी दौरा संपन्न हो गया। पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी की ओर से वीरवार को प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी गई कि कश्मीर घाटी में सितंबर-2014 में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण न सिर्फ कीमती जानें गई हैं। बल्कि उस दौरान घरों, व्यवसाय, माल मवेशियों, फसलों समेत फल उद्योग को भी भारी नुक सान पहुंचा है।

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इसके लिए राहत और पुनर्वास को लेकर भारी मेहनत की जरुरत है, जो केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के बिना संभव नहीं। पार्लियामेंट्री पैनल के अध्यक्ष हुकुम सिंह ने कहा कि भविष्य में ऐसी आपदा से बचने के लिए राज्य में एक व्यापक बाढ़ बचाव प्रक्रिया के गठन करने की आवश्यकता है। इस दौरान उनके समक्ष एमपी तारिक हमीद कर्रा भी थे, जो इस पैनल के सदस्य हैं।
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बाढ़ को एक राष्ट्रीय आपदा कहते हुए सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बाढ़ पीड़ितों को राहत और उनके पुनर्वास के लिए केंद्र की ओर से फंड की काफी जरुरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यह एक राष्ट्रीय आपदा थी और इसके कारण पैदा हुई समस्याओं का समाधान राष्ट्रीय संसाधनों के बिना संभव नहीं है। सिंह ने कहा जो लोग अभी भी अपने घरों में लौट नहीं पाए हैं उन्हें बसाने की जरुरत है।
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और सरकार को चाहिए कि नदियों, नालों व फ्लड चैनलों से अतिक्त्रस्मण को हटाया जाए। सिंह ने कहा कि कमेटी एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कमेटी के बीच कई बैठकें हुई जिसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा फ्लड मैनेजमेंट के शार्ट टर्म और लांग टर्म प्लान को लेकर अपने सुझाव सामने रखे।

कमेटी को जानकारी दी गई कि राज्य सरकार द्वारा प्रायोरिटी वर्क्स प्रेहेंसिव प्लान ऑफ फ्लड मैनेजमेंट वर्क्स आन झेलम फेज-1 पेश किया गया है जिसकी अंदाजन खर्च 99.29 करोड़ है। इस प्रस्ताव को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की टेक्नीकल एडवाइजरी कमेटी द्वारा स्वीकृति दे दी गई है। राज्य सरकार के संबंधित विभागों द्वारा नारकरा, खुशालसर, आचार, गिल्सर, होकरसर, नौगाम झील, हायगाम झील और वुल्लर झील आदि की ड्रेनिंग पर जल्द काम लगाने का प्रस्ताव रखा है।


वहीं, एमपी तारिक  हमीद कर्रा ने कहा कि अपने इस दौरे के दौरान पार्लियामेंट्री कमेटी द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें  हुईं ताकि सही ढंग से नुकसान का आकलन हो सके।

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