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पंचायती राज संस्थानों को मिला खनन का अधिकार
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जम्मू। पंचायती राज संस्थानों को प्रदेश प्रशासन ने अल्प अवधि के परमिट के माध्यम से खनन का अधिकार दिया है। इस संबंध में प्रशासनिक परिषद ने जम्मू-कश्मीर लघु खनिज रियायत, भंडारण और खनिज परिवहन और अवैध खनन नियम 2016 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है।
एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में इस अहम फैसले को हरी झंडी दी गई है। इससे पंचायती राज संस्थानों को तीस सितंबर 2021 तक एक हेक्टेयर भूमि तक लघु अवधि के खनन परमिट प्रदान किए जा सकेंगे। पंचायती राज संस्थानों को खनन शुरू करने से पहले जियोलाजी और माइनिंग विभाग को एडवांस में रायल्टी पेमेंट देने से भी छूट दी गई है।
प्रशासनिक परिषद ने जियोलाजी और माइनिंग विभाग को खनन योजना, पर्यावरण क्लीयरेंस के संबंध में पंचायतों की तरफ से सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लेने के लिए आवेदन करने की भी मंजूरी प्रदान की है। इस फैसले से पंचायती राज संस्थानों को स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की कमी को दूर करने में मदद मिलने के साथ साथ फंड जुटाने और सशक्तिकरण का भी मौका मिलेगा। निर्माण सामग्री के मूल्य पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।
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एनसीबी के कार्यालय के लिए भूमि को मिली मंजूरी
जम्मू। एसी की बैठक में सिद्दड़ा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्यालय के लिए 13 कनाल 5 मरले भूमि के आवंटन और हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई है। कार्यालय भवन और आवासीय परिसर का निर्माण इस भूमि पर होगा। यह भूमि 40 वर्षों के लिए पट्टे के आधार पर एनसीबी को आवंटित की जाएगी। यह फैसला जम्मू विकास प्राधिकरण के निदेशक मंडल की सिफारिशों, विधि विभाग, न्याय और संसदीय मामलों और राजस्व विभाग की सहमति के आधार पर लिया गया है। यह निर्णय स्वतंत्र एनसीबी जोनल हेडक्वार्टर स्थापित करने और क्षेत्र में नार्को-आतंक संबंधी गतिविधियों के प्रभावी नियंत्रण में सहायता करेगा।
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एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में इस अहम फैसले को हरी झंडी दी गई है। इससे पंचायती राज संस्थानों को तीस सितंबर 2021 तक एक हेक्टेयर भूमि तक लघु अवधि के खनन परमिट प्रदान किए जा सकेंगे। पंचायती राज संस्थानों को खनन शुरू करने से पहले जियोलाजी और माइनिंग विभाग को एडवांस में रायल्टी पेमेंट देने से भी छूट दी गई है।
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प्रशासनिक परिषद ने जियोलाजी और माइनिंग विभाग को खनन योजना, पर्यावरण क्लीयरेंस के संबंध में पंचायतों की तरफ से सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लेने के लिए आवेदन करने की भी मंजूरी प्रदान की है। इस फैसले से पंचायती राज संस्थानों को स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की कमी को दूर करने में मदद मिलने के साथ साथ फंड जुटाने और सशक्तिकरण का भी मौका मिलेगा। निर्माण सामग्री के मूल्य पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।
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एनसीबी के कार्यालय के लिए भूमि को मिली मंजूरी
जम्मू। एसी की बैठक में सिद्दड़ा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्यालय के लिए 13 कनाल 5 मरले भूमि के आवंटन और हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई है। कार्यालय भवन और आवासीय परिसर का निर्माण इस भूमि पर होगा। यह भूमि 40 वर्षों के लिए पट्टे के आधार पर एनसीबी को आवंटित की जाएगी। यह फैसला जम्मू विकास प्राधिकरण के निदेशक मंडल की सिफारिशों, विधि विभाग, न्याय और संसदीय मामलों और राजस्व विभाग की सहमति के आधार पर लिया गया है। यह निर्णय स्वतंत्र एनसीबी जोनल हेडक्वार्टर स्थापित करने और क्षेत्र में नार्को-आतंक संबंधी गतिविधियों के प्रभावी नियंत्रण में सहायता करेगा।