पाकिस्तान की नापाक हरकतें जारी, उड़ी में किया संघर्षविराम का उल्लंघन, सेना दे रही मुंहतोड़ जवाब
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पाकिस्तान की नापाक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आतंकियों को घुसपैठ कराने के फिराक में जुटी पाकिस्तानी सेना लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। आज यानी कि सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। सीमा पार से भारी गोलाबारी की जा रही है। वहीं भारतीय सेना पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का माकूल जवाब दे रही है।
बता दें कि भारत में घुसपैठ के लिए पीओके में 300 आतंकी तैयार बैठे हैं। इसके लिए पीओके में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने 16 लांचिंग पैड सक्रिय कर दिए हैं। आतंकियों के घुसपैठ के लिए तैयार रहने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सेना ने नियंत्रण रेखा पर जवानों को अलर्ट कर दिया है। घुसपैठ रोधी दस्ते और आतंकवाद निरोधक बल को और सतर्क रहने को कहा गया है।
सेना की फील्ड इंटेलिजेंस यूनिट को इनपुट मिले हैं कि सीमा पार तैयार बैठे आतंकियों में ज्यादातर हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तायैबा के हैं। एलओसी पर नौशेरा और छंब के इलाके में भी लांचिंग पैड सक्रिय किए गए हैं, ताकि आतंकी घुसपैठ करने के बाद उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग की ओर पहुंच सकें।
सूत्रों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर के उस पार लीपा घाटी, अठमुकाम व डुडनियाल के इलाके पर आतंकियों का खास फोकस है। एक अप्रैल को केरन सेक्टर में ही घुसपैठ करने वाले पांच आतंकियों को मारा गया था।
सीमा के हालात की रोज हो रही समीक्षा
अमूमन गर्मियों में काफी देर से लांचिंग पैड सक्रिय होते थे लेकिन इस बार दुमैल, सरदारी तथा ढक्की में आतंकियों की मौजूदगी अभी से दिखने लगी है। शरडी, नीलम घाटी, नौशेरा, चकोटी, खोजा बांदी और हाजीपीर में भी आतंकी गतिविधियां तेज हुई हैं। इन लांचिंग पैड का इस्तेमाल करते हुए आतंकी 18 सितंबर, 2016 को उड़ी सैन्य कैंप में दाखिल हो गए थे।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पीओके में बने लांचिंग पैड में तैयार बैठे कई आतंकियों के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस वजह से और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सीमा पर आतंकियों या घुसपैठियों से मुठभेड़ होने के बाद उनके शवों के पास जाने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतें।
15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू रोजाना एलओसी पर घुसपैठ की स्थिति पर बैठक कर रहे हैं। काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी आतंकी एलओसी पार कर घाटी में दाखिल न हो सके। इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि सीमा पार से आतंकियों को धकेलने के लिए की जा रही गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ सफल न होने पाए।