पाक विदेश सचिव का दावा, भारत ने 57 बार की फायरिंग
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कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से बातचीत के कारण विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने के बावजूद पाकिस्तान अपने अड़ियल रुख पर डटा हुआ है। उसने बुधवार को कहा कि वह अलगाववादी नेताओं से बात करता रहेगा क्योंकि कश्मीर समस्या के हल के लिए इस मुद्दे से जुड़े सभी पक्षों से बात करना जरूरी है।
पाकिस्तान ने उल्टे भारत पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप भी जड़ दिया है। लेकिन भारत ने भी तीखे जवाब में पाकिस्तान को चेताया है कि वह कश्मीर मुद्दे पर शिमला समझौते का पालन करे।
साथ ही भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी और से सीजफायर उल्लंघन नहीं किया जाता बल्कि पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन किए जाने पर जवाबी कार्रवाई की जाती है।
पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने जुलाई महीने से अब तक भारत की ओर से 57 बार सीजफायर उल्लंघन का दावा किया। उन्होंने वार्ता से पूर्व अलगाववादी नेताओं से मुलाकात को भी जायज ठहराया और कहा कि बीते दो दशकों से इस तरह की मुलाकात हो रही है।
विदेश मंत्रालय ने बासित को दिया कड़ा जबाव
उन्होंने कहा कि अलगाववादी नेता कश्मीर के असली प्रतिनिधि हैं। बासित की टिप्पणी का कड़ा जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है कि शिमला समझौते के बाद वर्ष 1999 के लाहौर घोषणा पत्र में दोनों ही देशों ने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा माना है।
उन्होंने भारत की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किए जाने के आरोपों को भी निराधार करार दिया। पाकिस्तानी उच्चायुक्त की अलगाववादियों से मुलाकात से नाराज भारत ने 25 अगस्त को दोनों देशों के बीच होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता को रद्द कर दिया था।
हालांकि भारत की नाराजगी को तवज्जो न देने हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने मंगलवार को भी तीन अलगाववादी नेताओं से मुलाकात की थी।