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जम्मू-कश्मीर : एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर आने के लिए पाकिस्तान रच रहा साजिश
Mon, 14 Mar 2022 12:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 14 Mar 2022 12:33 AM IST
सार
पीओके में घुसपैठ के लिए तैयार बैठे आतंकियों की संख्या घटाई। मौजूदा समय में 70 के करीब आतंकी, पिछले साल जनवरी में 115 थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
पाकिस्तान फिर से नापाक साजिश रच रहा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बाहर आने के लिए पाकिस्तान ने सीमा पार पीओके में घुसपैठ के लिए बैठे आतंकियों की संख्या कम कर दी है, ताकि बता सके कि वह आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई के चलते भी सीमा पार आतंकियों की संख्या कम हुई है। कश्मीर में भी स्थानीय स्तर पर आतंकियों की संख्या घटी है।
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खुफिया एजेंसियों को हाल ही में जानकारी मिली है कि सीमा पार घुसपैठ के लिए बैठे आतंकियों की संख्या घटी है। जनवरी महीने में पीओके में 70 आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे थे, जबकि पिछले साल इसी महीने आतंकियों की संख्या 115 थी।
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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों की संख्या घटी है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल के चलते आतंकियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इसके चलते अब घुसपैठ के लिए वह कई बार सोच रहे हैं।
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वहीं एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर आने के लिए ऐसा कर रहा है। यह भी एक कारण हो सकता है, क्योंकि इससे उसको फंड्स मिलने में दिक्कत होती है।
यह हैं घुसपैठ के रूट
पुंछ की कृष्णा घाटी, बिंबर गली, राजोरी के नौशेरा, सुंदरबनी, कठुआ के हीरानगर, उड़ी के केरन, तंगधार से आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। इनकी घुसपैठ रोकने के लिए हालांकि सेना और बीएसएफ कड़ी नजर रख रही है।