अब नारको टेरेरिज्म को बढ़ावा दे रहा पाकिस्तान : आईजी
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जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और हवाला राशि के साथ अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब अफगानिस्तान, कोलंबिया, म्यांमार से ड्रग सप्लाई को बढ़ावा दे रही है। जम्मू कश्मीर साफ्ट टारगेट है और पिछले कुछ सालों से पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती है।
जम्मू में भी आतंक का साया है और सुरक्षा बलों की चूक के कारण आतंकी हमले भी हो चुके हैं। भारत पाक सीमा संवेदनशील है और आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में है। इन संवेदनशील मुद्दों पर जम्मू के इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (आईजीपी) दानिश राना से वरिष्ठ संवाददाता राजेश विद्यार्थी की विशेष बातचीत के मुख्य अंश...
आतंक, ड्रग, हवाला के बीच गहरे संबंध
आईजी के अनुसार जम्मू कश्मीर के हालात काफी संवेदनशील हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठित गिरोह काम कर रहे हैं। आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ही पहले केवल पाकिस्तान जिम्मेदार था। अब उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई ड्रग माफियाओं को भी बढ़ावा दे रही है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर में मादक पदार्थों की सप्लाई बढ़ी है। म्यांमार, कोलंबिया व कुछ पूर्वी देश भी ड्रग तस्करी को बढ़ावा दे रहे हैं। एक पूरा अंतरराष्ट्रीय गिरोह इस पर काम कर रहा है। आतंकवाद से ग्रस्त जम्मू कश्मीर उनका साफ्ट टारगेट है। कम काम मेें अधिक आमदनी और उसकी कमाई का उपयोग आतंकी संगठनों और उनके ओवरग्राउंड वर्करों के लिए किया जाता है। हालांकि अब आतंकियों को सीधे फंडिंग की कोई रिपोर्ट नहीं है। नारको और हवाला के जरिए ही उनकी फंडिंग की जा रही है।
एजेंसियों में बढ़ाया गया है तालमेल
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर कई बार सुरक्षा एजेंसियों में आपसी तालमेल की कमी रह जाती है। आतंकी इसी चूक का लाभ उठाकर वारदात करने में कामयाब भी हो जाते हैं। इन घटनाओं को दूर करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों में तालमेल बढ़ाया गया है। इसी तालमेल से कुछ महीने पहले ही भठिंडी क्षेत्र से एक आतंकी को पकड़ा गया था, जो स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था। सेना, बीएसएफ, पुलिस, सीआरपीएफ व अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी स्लीपर सेल पर नजर रखे हुए हैं। इनका पता लगाने के लिए एजेंसिंयों ने अपना नेटवर्क बनाया हुआ है। इनकी हरकतों की सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाती है।
घुसपैठ रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा
सीमावर्ती क्षेेत्रों में घुसपैठ की अक्सर संभावनाएं बनी रहती हैं। इन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मुस्तैद किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त नाके के साथ फोर्स लगाई गई है। आईजी की दावा है कि माहौल बिगाड़ने वालों से अधिक संख्या माहौल को सुधारने वालों की है। समय-समय पर ऐसे लोगों का सहयोग लिया जाता है। सीमावर्ती क्षेत्रों के सभी थानों को मुस्तैद किया गया है।
शरणार्थियों की जुटाई जा रही जानकारी
आईजी ने कहा कि मौजूदा समय काफी संवेदनशील है। परिस्थितियां काफी गंभीर हैं। जम्मू में बांग्लादेशी, म्यांमार के शरणार्थियों के रिकार्ड पुलिस तैयार कर रही है। सभी काम करने के परमिट पर हैं। इन लोगों के अपराध में शामिल होने की सूचना भी है। कई लोग पकड़े भी गए हैं। सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए भी कुछ ताकतें सक्रिय हैं। उन ताकतों को नेस्तनाबूद करने के लिए आम जनता से पुलिस ने सहयोग बढ़ाया है। पुलिस पब्लिक बैठक को बढ़ाया गया है।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा अहम
उन्होंने बताया कि कटड़ा, शिवखोड़ी, सुद्द महादेव आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसकी लगातार समीक्षा की जाती है। सुरक्षा बलों की संख्या में भी जरूरत के हिसाब से बढ़ोतरी की जाती है। हाईटेक हो चुके आतंकवाद व अपराध को लेकर पुलिस भी आधुनिक उपकरण व तौर तरीके अपना रही है। मौजूदा समय में पुलिस की प्राथमिकता श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा है। एहितयात के तौैर पर इंटरनेट बंद करने जैसे कई ऐसे फैसले लेने पड़े। इस वजह से जम्मू संभाग की जनता परेशान है। लोगों को भी सुरक्षा व शांति लिए इन फैसलों को सहन करना होगा।