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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Pakistan beat India In exploitation of oil reserves in Kashmir

कश्मीर घाटी में तेल भंडारों के दोहन में पाकिस्तान से पिछड़ा भारत

Thu, 31 Mar 2016 11:16 AM IST
ओमपाल सिंह, अमर उजाला/जम्मू
ओमपाल सिंह, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 31 Mar 2016 11:16 AM IST
सार

  • हिमालय की तलहटी में तेल भंडारों के दोहन में पिछड़े
  • एक जैसी भूगर्भीय संरचना के बावजूद भारत ने महज 34 तो पाकिस्तान ने खोद डाले 340 कुएं

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Pakistan beat India In exploitation of oil reserves in Kashmir
jammu and kashmir - फोटो : Demo Pic.

विस्तार

हिमालय की तलहटी के भारतीय क्षेत्र में व्यापक संभावना के बावजूद प्राकृतिक गैस और तेल भंडार का दोहन भले ही न किया जा रहा हो लेकिन सरहद पार पाकिस्तान की पोटवार घाटी में बड़े पैमाने पर कच्चा तेल निकाला जा रहा है। 

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दिलचस्प है कि सरहद के इस पार तेल भंडार की संभावना के लिए जो स्थान चिन्हित किए गए हैं सरहद के उस पार पाकिस्तान की पोटवार घाटी से इन इलाकों की हवाई दूरी महज 120 किलोमीटर है। जानकारों की मानें तो यह पूरा इलाका एक ही जैसी भौगोलिक और भूगर्भीय परिस्थितियों वाला है। 
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ऐसे में तेल और गैस भंडार की संभावनाएं भी एक जैसी ही कही जा सकतीं हैं। हिमालय की तलहटी वाले राज्य जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन ने दशकों पूर्व इस बाबत खोज शुरू की थी लेकिन पाकिस्तान में सैकड़ों कुओं के प्रयास के मुकाबले भारतीय क्षेत्र में लगभग तीन दर्जन स्थानों पर ही यह प्रयास किया गया जो अपने आप में अधूरा है। 

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पाक‌िस्तान तेजी से न‌िकाल रहा है तेल 

Pakistan beat India In exploitation of oil reserves in Kashmir

यूनिवर्सिटी कालेज लंदन के अर्थ साइंसेज विभाग के सीनियर रिसर्च फेलो और मघरिब पेट्रोलियम रिसर्च ग्रुप के सदस्य डॉ. बिंद्रा ठुस्सू के अनुसार पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से हिमालय की तलहटी से सटे क्षेत्र के तेल भंडार का दोहन तेज कर दिया है। 

जम्मू-कश्मीर से महज 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोटवार घाटी में जहां दर्जन भर तेल के कुंएं बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का स्रोत बन गए हैं वहीं पेशावर में हाइड्रोकार्बन गैस के भंडार का दोहन हो रहा है। जम्मू-कश्मीर सहित भारतीय क्षेत्र में तेल भंडार के लिए सरकार इच्छाशक्ति नहीं दिखा पाई है। 

जम्मू यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट आफ एनर्जी रिसर्च एंड ट्रेनिंग से डॉ. नवीन हक्खू का कहना है कि वर्ष 2008 से तेल और गैस भंडार की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है। भूगर्भीय संसाधनों का स्तर पता करने के लिए भारतीय क्षेत्र में पर्याप्त प्रयास होना शेष हैं। 

हिमालयी राज्यों में ओएनजीसी ने कब कितने कुएं खोदे 

Pakistan beat India In exploitation of oil reserves in Kashmir
ओएनजीसी - फोटो : LOGO
दशक               कुएं
1950-1960     2
1960-1970     10
1970-1980     5
1980-1990     10
1990-2000     4
2000-2010     3

तेल भंडार का स्रोत हैं एक जैसे पत्थर
दुनिया भर में लाइम स्टोन और शेल किस्म के पत्थर ही तेल भंडार की तसदीक करते हैं। हिमालय से सटे इलाके में पृथ्वी का गर्भ लाइम स्टोन 500 मिलियन वर्ष जबकि शेल 40 मिलियन वर्ष पुरानी सतह के साथ तैयार हुआ है। पाकिस्तान के बड़े हिस्से और भारतीय क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना एक जैसी है।
 
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