पाकिस्तानी रेंजर्स ने साढ़े दस घंटे तक दागे गोले
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अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा रविवार शाम से शुरू गोलाबारी सोमवार सुबह छह बजे तक जारी रही। गोलाबारी में एक मवेशी की मौत हो गई। वहीं कुछ मकानों की दीवारों में सुराख बन गए हैं। कुछ घरों के शीशे टूट गए।
सीमा पार से छोटे एवं बड़े हथियारों से रात भर की गई गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सीमावर्ती इलाकों के किसान अपने घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा बीएसएफ की तीन चौकियों को निशाना बनाकर गोलाबारी की गई।
रेंजरों ने अरनिया सेक्टर में रविवार शाम करीब 7:25 मिनट पर गोलाबारी शुरू की थी, जो आधी रात के बाद तक लगातार जारी रही। रात करीब 2:30 बजे जब बारिश शुरू हुई तो आधे घंटे के लिए सरहद पर खामोशी छाई रही।
रिहाइशी इलाकों में गोले दाग रहे रेंजर
इसके बाद फिर भयंकर गोलाबारी शुरू हो गई, जो सुबह छह बजे तक जारी रही। इस बीच, रेंजरों ने रिहाइशी क्षेत्रों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। सीमा पार से 81 एमएम के मोर्टार दागे जाने से कुछ घरों की दीवारों में सुराख बन गए, तो कुछ की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
सीमावर्ती गांव जब्बोआल में गोलाबारी की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई। यह हादसा सुबह करीब सवा तीन बजे हुआ। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार करीब साढ़े दस घंटे तक चली गोलाबारी में पाक की ओर से 12-14 मोर्टार शेल दागे गए। इस दौरान बीएसएफ की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई।
तब सीमा पार से गोलाबारी बंद हुई। पाकिस्तानी रेंजरों ने छोटे हथियारों से कई राउंड फायर किए। बीते 24 घंटे में पाक की ओर से चार बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है।