सीमा से सटी रिहाइशी बस्तियों पर निकल रही पाक की बौखलाहट
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर नए आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है। बीएसएफ और सेना की अग्रिम पोस्टों पर गोलाबारी का करारा जवाब मिलने से बौखलाए पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों को अपना टारगेट बना लिया है।
मंगलवार को एलओसी पर राजोरी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़ सेक्टर में इसी रणनीति के तहत गोले बरसाकर आठ नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। दो दर्जन घायल भी हो गए। इससे पहले सरहद पर भारत-पाकिस्तान के बीच का तनाव पहले जितना भी रहा हो, सीजफायर की ज्यादातर घटनाओं में सेना और बीएसएफ की चौकियां टारगेट रही हैं।
लेकिन अब हालात वो नहीं हैं, पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से घुसपैठ की कोशिशें नाकाम होने और सीजफायर उल्लंघन पर भारत से मुंहतोड़ जवाब मिलने के बाद रिहायशी इलाके टारगेट किए जा रहे हैं।
पाक की गोलाबारी का ट्रेंड बदला
इससे पूर्व पलांवाला सेक्टर में गिगड़ियाल, चक रामा, हमीरपुर, छन्नी, बदवाल, सेंथ, गरड़, मंगयाल के कई इलाकों पर अरसे बाद गोलाबारी हुई। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी कई ऐसे गांव हैं जो या तो पहली मर्तबा गोलाबारी का शिकार हुए हैं या फिर अरसे बाद।
ज्यादा मारक हथियार हो रहे इस्तेमाल
सरहदी इलाकों में गोलाबारी के दौरान हालांकि छोटे कैलिबर के हथियार ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन पाक से बरसाए जा रहे कई गोले इस बार ज्यादा मारक क्षमता वाले साबित हो रहे हैं। और तो और मोर्टार दागने वाली पाकिस्तानी सैन्य टीमें तेजी से अपनी जगह बदल रही हैं।
सेना की आर्टीलरी ब्रिगेड में सेवाएं दे चुके पूर्व सैन्य अफसर भगवान सिंह के अनुसार 82 से 120 एमएम के मोर्टार की विस्फोट की ध्वनि और उसके प्रभाव से वे अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्हीं के गांव में जो गोले दागे गए उनकी आवाज और प्रभाव दोनों बहुत अधिक है। गोले फटने के बाद छर्रों से दूर-दूर तक नुकसान हो रहा है।
कंक्रीट की सतह को भेद रहे हैं मोर्टार
सैन्य सूत्रों ने बताया कि पाक द्वारा बरसाए जा रहे गोले कंक्रीट की मोटी सतह को आसानी से भेद रहे हैं। यहां तक कि अग्रिम चौकियों पर बनाए गए बंकरों को भी नई तकनीक से तैयार गोलों से नुकसान पहुंच रहा है।
मोर्टार दागने के लिए बदली रणनीति पर सूत्रों ने बताया कि मोर्टार जहां गिरता है, उससे मोर्टार दागे जाने वाली जगह का पता लगाया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पाकिस्तान एक ही समय पर कई जगहों से मोर्टार दाग रहा है और उसके सैनिक तेजी से जगह बदल रहे हैं। हालांकि इस रणनीति का माकूल जवाब दिया जा रहा है।